ऑनलाइन शॉपिंग की दौर में गर्म कपड़ों का मार्केट परा ठंडा

ऑनलाइन शॉपिंग ने लगभग 30 से 40% बिक्री पर डाला असर क्वालिटी नहीं, दाम को देते हैं प्राथमिकता
ऑनलाइन शॉपिंग की दौर में गर्म कपड़ों का मार्केट परा ठंडा
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प्रगति, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : ऑनलाइन प्रचलन ने दुकानदारों के मार्केट को बुरी तरह प्रभावित किया है। दुकानदारों के मुताबिक ऑनलाइन शॉपिंग ने लगभग 30 से 40% बिक्री पर असर डाला है। ऑनलाइन शॉपिंग की सुविधा, कीमतें और विविधता ग्राहकों को आकर्षित कर रही है, जिससे दुकानों पर ग्राहकों की संख्या कम हो गई है और बिक्री घट गई है। देखा जा रहा है कि ठंड को लेकर एस्प्लेनेड में सर्दी से संबंधित कपड़े जैसे वूलन टोपी, स्वेटर, मोजे व अन्य सामानों की दुकान लग गई है। हालांकि दुकानदारों का कहना है कि बिक्री हर साल दर साल गिरती जा रही है। क्योंकि डिस्काउंट और ऑफर्स के कारण लोगों का आकर्षण ऑनलाइन शॉपिंग की ओर बढ़ता जा रहा है। इस वजह से मार्केट में विंटर वियर की जैसी खरीदारी होनी चाहिए वैसी नहीं हो रही है।

इससे कम में ऑनलाइन मिल जाएगा, यही कहते हैं ग्राहक

दुकानदाराें का कहना है कि दुकान में ग्राहक सामान देखने तो आते हैं, मगर दाम सुनते ही बोलते हैं कि इससे कम दाम में तो यह सामान ऑनलाइन उपलब्ध है। हालांकि दुकानदारों का कहना है कि ग्राहक क्वालिटी नहीं देखते है, वे दाम सुनकर ही बिना सामान खरीदे चले जाते हैं। पिछले कुछ सालों से खरीदारी धीरे-धीरे कम होती जा रही है। इसके अलावा पहले दूर-दूर से लोग कपड़े की शॉपिंग के लिए एस्प्लेनेड मार्केट में पहुंचते थे, मगर अब लोगों को अपने घर के पास ही कपड़े और सभी सामान मिल जाते हैं, जिससे अब लोगों का यहां आना कम हो गया है।

क्या कहा दुकानदारों ने?

वूलन स्वेटर की दुकान लगाए दुकानदार शिवनाथ राय ने बताया कि ऑनलाइन शॉपिंग का काफी ज्यादा असर हुआ है। ग्राहक कपड़े की क्वालिटी से अधिक महत्व दाम को देते हैं। दुकानदार मो. शमीर ने बताया कि मार्केट में वूलन वीसर के काफी अच्छे प्रोडक्ट्स आए हुए हैं, मगर जैसी बिक्री होनी चाहिए वैसी नहीं हो रही है। दुकानदार नवाब खान ने बताया कि पहले की तुलना में वूलन वीयर की बिक्री लगभग 50% कम हुई है, इसकी वजह बहुत हद तक ऑनलाइन शॉपिंग है।

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