

मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पश्चिम बंगाल उच्च शिक्षा विभाग ने राज्य के सरकारी और सहायता प्राप्त कॉलेजों तथा विश्वविद्यालयों में स्नातक की खाली सीटों को भरने के लिए पूरी तरह ऑनलाइन 'डिसेंट्रलाइज्ड एडमिशन पोर्टल' शुरू किया है। इस प्रक्रिया में ऑफलाइन फॉर्म जमा करने या 'स्पॉट एडमिशन' की अनुमति नहीं होगी, और यह पूरी तरह मुफ्त व मेरिट आधारित होगी ताकि पिछले वर्षों की तरह धांधली की संभावनाओं को पूरी तरह खत्म किया जा सके। नया पोर्टल 3 सितंबर को लॉन्च होगा और उसी दिन खाली सीटों की सूची भी जारी की जाएगी। पहले चरण के तहत 3 से 5 सितंबर तक नए आवेदक और वे छात्र, जिन्होंने पहले सेंट्रलाइज्ड पोर्टल के जरिए आवेदन किया था, रिक्त सीटों के लिए अप्लाई कर सकेंगे। इसके बाद 7 सितंबर को मेरिट लिस्ट जारी होगी, 7 से 8 सितंबर तक ऑनलाइन फीस जमा कर एडमिशन पूरा करना होगा, और 7 से 9 सितंबर के बीच कॉलेजों में ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स का वेरिफिकेशन कराना होगा।
द्वितीय चरण और पिछले वर्षों के आंकड़े
यदि इस चरण के बाद भी सीटें खाली रहती हैं, तो दूसरा चरण 11 सितंबर से शुरू होगा। अपडेटेड वैकेंसी लिस्ट आने के बाद 11 से 13 सितंबर तक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे, 15 सितंबर को मेरिट लिस्ट निकलेगी, 15-16 सितंबर को ऑनलाइन एडमिशन होगा और 15 से 18 सितंबर के बीच दस्तावेजों का फिजिकल वेरिफिकेशन किया जाएगा। विभाग के सूत्रों के अनुसार, यह पहली बार है जब हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट की सीधी देखरेख में काउंसलिंग हो रही है, क्योंकि पिछले साल तक यह जिम्मेदारी अलग-अलग कॉलेजों के पास थी जिसमें पैसों के बदले एडमिशन के गंभीर आरोप लगते थे। वर्ष 2026-27 के शैक्षणिक सत्र के लिए कुल उपलब्ध 8,99,538 सीटों में से अब तक 3,82,927 एडमिशन हो चुके हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में सीटें खाली हैं। उच्च शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि पूर्व में सीटों की संख्या बिना वैज्ञानिक आधार के बढ़ाई गई थी, जिस पर सरकार अगले सत्र से आवश्यक कदम उठाएगी।