

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : अंडमान एवं निकोबार प्रादेशिक कांग्रेस कमेटी के अभियान समिति के चेयरमैन टीएसजी भास्कर ने उत्तर एवं मध्य अंडमान के बीच बाराटांग से डिगलीपुर तक राष्ट्रीय राजमार्ग-4 की बदतर हालत पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इसे यात्रियों के लिए “दुःस्वप्न” और “द्वीपवासियों के साथ धोखा” करार दिया। उपराज्यपाल को संबोधित पत्र में भास्कर ने बताया कि 2017 से राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड के अधीन चल रहे राष्ट्रीय राजमार्ग-4 के निर्माण कार्य में अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि बार-बार अनुरोध और अनुस्मारक देने के बावजूद राजमार्ग का निर्माण कार्य अधूरा है और कई हिस्से बुरी तरह जर्जर हो चुके हैं, जिससे आम नागरिकों और यात्रियों की जान जोखिम में है। भास्कर ने बताया कि पहले अंडमान लोक निर्माण विभाग द्वारा संभाला जाने वाला यह मार्ग अब खतरे का कारण बन गया है। हाल ही में तीन दिवसीय यात्रा के बाद उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड बार-बार समय सीमा बढ़ाने के बावजूद काम पूरा नहीं कर पाया है और बिना किसी ठोस परिणाम के सिर्फ लक्ष्य बदलता रहा है। उन्होंने बताया कि सड़क के कई हिस्से अब भी अधूरे हैं, विशेष रूप से बाराटांग से रंगत और बिलीग्राउंड से मयाबंदर के बीच, जबकि मयाबंदर से डिगलीपुर तक के जो हिस्से पूरे हुए भी हैं, वे अब क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और केवल कुछ छोटे हिस्से ही उपयोग योग्य बचे हैं। भास्कर ने इसे सार्वजनिक धन के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग का स्पष्ट उदाहरण बताया और जिम्मेदारों की पहचान कर सीबीआई जांच की मांग की।
उन्होंने कहा कि राजमार्ग की बदहाल स्थिति ने मध्य और उत्तर अंडमान के लोगों की दिनचर्या को प्रभावित किया है, होटल व्यवसायी पर्यटकों के अभाव में आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और ऑटो चालकों एवं परिवहन व्यवसायियों की आजीविका समाप्त हो गयी है। उन्होंने यह भी कहा कि उपेक्षित राजमार्ग का आर्थिक प्रभाव भी गंभीर है। परिवहन खर्च बढ़ने से जीवनयापन महंगा हो गया है और मरीजों, विशेषकर गर्भवती महिलाओं की आपातकालीन चिकित्सा तक बाधित हो रही है। पत्र में भास्कर ने उपराज्यपाल से सीधे हस्तक्षेप की अपील करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड को जिम्मेदार ठहराने और उसे भविष्य की परियोजनाओं से ब्लैकलिस्ट करने की मांग की।