TMC को एक के बाद एक झटका, सुजाता मंडल ने पद और पार्टी दोनों छोड़े

‘विवेक की आवाज’ का हवाला, सुरक्षा और सभी सुविधाएं भी लौटाईं
TMC को एक के बाद एक झटका, सुजाता मंडल ने पद और पार्टी दोनों छोड़े
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कोलकाता/बांकुड़ा: West Bengal की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। बांकुड़ा जिला परिषद की मछली एवं पशु संसाधन स्थायी समिति की कर्माध्यक्ष Sujata Mondal ने अपने पद से इस्तीफा देने के साथ-साथ All India Trinamool Congress (टीएमसी) छोड़ने का भी ऐलान कर दिया है।

सुझाता मंडल ने जिला शासक कार्यालय जाकर अपना इस्तीफा सौंपा। उन्होंने कहा कि अब वह किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ी नहीं हैं और एक सामान्य नागरिक के रूप में रहना चाहती हैं। उन्होंने अपनी सुरक्षा में तैनात कर्मियों को भी वापस कर दिया है।

इस्तीफे की वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि लंबे समय से उन्हें “विवेक की पीड़ा” महसूस हो रही थी। शिक्षकों पर हमले और अन्य घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इन घटनाओं ने उन्हें भीतर से झकझोर दिया।

सुझाता ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका फैसला किसी चुनाव परिणाम से जुड़ा नहीं है। उन्होंने कहा कि चाहे राजनीतिक परिस्थिति कुछ भी होती, वह यह कदम उठातीं।

टीएमसी पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर आम लोगों की बात नहीं सुनी जाती। उन्होंने यह भी कहा कि ‘जय श्री राम’ बोलने और अयोध्या जाने को लेकर उन्हें फटकार झेलनी पड़ी।

गौरतलब है कि सुजाता मंडल पहले भाजपा से जुड़ी थीं और बाद में टीएमसी में शामिल हुई थीं। 2023 पंचायत चुनाव में जीतकर वह जिला परिषद में महत्वपूर्ण पद पर पहुंची थीं।

फिलहाल उन्होंने किसी अन्य पार्टी में शामिल होने के संकेत नहीं दिए हैं, लेकिन उनके इस कदम से राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

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