तेल बाजार में उबाल, ईरान हमले के बाद कीमतें चढ़ीं

अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत बढ़कर करीब 114 डॉलर प्रति बैरल हो गई, जो युद्ध से पहले 73 डॉलर प्रति बैरल से कम थी।
कतर का रास लफान टर्मिनल प्रमुख एलएनजी भंडारण केंद्र हैं ( फाइल फोटो )
कतर का रास लफान टर्मिनल प्रमुख एलएनजी भंडारण केंद्र हैं ( फाइल फोटो )
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बैंकॉकः ईरान के कतर में एक प्रमुख प्राकृतिक गैस सुविधा और कुवैत की दो तेल रिफाइनरी पर हमले के बाद वैश्विक तेल एवं प्राकृतिक गैस की कीमतों में बृहस्पतिवार को तेज उछाल आया। कतर की यह गैस सुविधा दुनिया की करीब पांचवें हिस्से की गैस आपूर्ति करती है।

इन हमलों से यह आशंका बढ़ गई है कि टैंकर यातायात के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से उत्पन्न ऊर्जा संकट अपेक्षा से अधिक लंबा एवं व्यापक हो सकता है जिससे तेल एवं गैस उत्पादन को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है।

अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत बढ़कर करीब 114 डॉलर प्रति बैरल हो गई, जो युद्ध से पहले 73 डॉलर प्रति बैरल से कम थी। प्राकृतिक गैस की कीमतों के यूरोपीय टीटीएफ मानक में बृहस्पतिवार को 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। ईरान के हमले में कतर के रास लफान टर्मिनल को निशाना बनाया गया, जहां से तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की आपूर्ति की जाती है।

कतर का रास लफान टर्मिनल प्रमुख एलएनजी भंडारण केंद्र हैं ( फाइल फोटो )
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कतर आम तौर पर वैश्विक एलएनजी खपत का करीब 20 प्रतिशत आपूर्ति करता है जिसे जहाजों के जरिये भेजा जाता है। ड्रोन हमले के बाद यह सुविधा बंद हो गई। होर्मुज जलडमरूमध्य के अधिकतर टैंकर यातायात के लिए बंद होने से गैस की आपूर्ति के लिए कोई अन्य मार्ग नहीं बचा है।

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