जादवपुर की दीवारों से लिखे गये आपत्तिजनक नारों को हटाया गया

‘कश्मीर मांगे आजादी’ और ‘रेड सैल्यूट किशनजी’ पर विवाद
जादवपुर की दीवारों से लिखे गये आपत्तिजनक नारों को हटाया गया
Munmun
Published on

मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : जादवपुर यूनिवर्सिटी एक बार फिर सुर्खियों में है, जब इसके कैंपस की दीवारों पर बनी ग्रैफिटी और नारों को सफेद रंग से ढक दिया गया। इस कार्रवाई के बाद से सियासी गलियारों में बहस छिड़ गई है कि क्या यह कदम एक नेता की चेतावनी के बाद उठाया गया। हाल ही में शुभेंदु अधिकारी ने कैंपस का दौरा कर यूनिवर्सिटी की दीवारों पर लिखे गए राष्ट्र-विरोधी नारों, जैसे कश्मीर मांगे आजादी और रेड सैल्यूट किशनजी पर कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने इसे गंदगी करार देते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन को इन्हें तुरंत हटाने का सख्त निर्देश दिया था। अधिकारी के मुताबिक, ऐसे नारे शिक्षण संस्थानों के माहौल को खराब कर रहे हैं और नई पीढ़ी पर गलत असर डाल रहे हैं। नारों को हटाये जाने के बाद यूनिवर्सिटी अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि यह कोई राजनीतिक दबाव में लिया गया फैसला नहीं है, बल्कि परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने की एक नियमित प्रक्रिया है। अधिकारियों ने छात्रों को अपनी बातें दीवारों की बजाय तय डिस्प्ले बोर्ड पर लिखने की सलाह दी है। दूसरी ओर, इस कार्रवाई के खिलाफ वामपंथी छात्र संगठन SFI ने कड़ा रुख अपनाया है। SFI नेता अंजील दास का कहना है कि ये दीवारें साम्राज्यवाद और फासीवाद के खिलाफ यूनिवर्सिटी की लंबी वैचारिक लड़ाई और ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक रही हैं।

सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in