

एनएसयूआई राष्ट्रीय नेतृत्व “सौ प्रतिशत” छात्रों के साथ खड़ा
राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ जल्द द्वीपों का दौरा कर छात्रों से मिलेंगे
सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : यदि प्रस्तावित डीम्ड यूनिवर्सिटी को लेकर अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के छात्रों की चिंताओं का समाधान नहीं किया गया तो नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) देशव्यापी आंदोलन शुरू कर सकती है। यह जानकारी एनएसयूआई के अध्यक्ष एम.ए. साजिद ने गुरुवार शाम आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान दी। साजिद ने मीडिया को बताया कि वह हाल ही में चार दिन के दौरे पर नई दिल्ली गए थे, जहां उन्होंने द्वीपों में चल रहे छात्र आंदोलन के संबंध में कई राष्ट्रीय नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने सबसे पहले एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ से मुलाकात की, जिन्होंने अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के छात्रों को पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया। साजिद के अनुसार एनएसयूआई का राष्ट्रीय नेतृत्व डीम्ड यूनिवर्सिटी प्रस्ताव के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ “सौ प्रतिशत” खड़ा है। साजिद ने बताया कि विनोद जाखड़ जल्द ही द्वीपों का दौरा कर सकते हैं, जहां वे स्वयं छात्रों से मिलकर उनकी चिंताओं को समझेंगे। इस दौरे के दौरान वे डिगलीपुर से लेकर कैंपबेल बे तक विभिन्न जिलों और कॉलेजों में जाकर छात्रों तथा आम जनता से इस मुद्दे पर बातचीत करने की योजना बना रहे हैं। एनएसयूआई नेता ने यह भी बताया कि उन्होंने संयुक्त कार्रवाई मंच की ओर से एक पत्र नई दिल्ली स्थित 10 जनपथ में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के कार्यालय में जमा कराया है। इसके अलावा संयुक्त कार्रवाई मंच की ओर से एक अन्य पत्र राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को भी सौंपा गया है, जिसमें इस मामले में उनके हस्तक्षेप की मांग की गई है। साजिद ने कहा कि इस मुद्दे को संसद में उठाया जाना चाहिए और उन्होंने द्वीपों के एकमात्र सांसद बिष्णु पद रे से भी इस विषय को गंभीरता से लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2018 में द्वीपों का दौरा किया था और नेताजी स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया था, तभी डीम्ड यूनिवर्सिटी की स्थापना का विचार पहली बार घोषित किया गया था। साजिद ने कहा कि उस समय भी और आज भी बिष्णु पद रे ही द्वीपों का प्रतिनिधित्व करने वाले सांसद हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता के निर्वाचित प्रतिनिधि के रूप में सांसद को इस मुद्दे को संसद में उठाना चाहिए और प्रधानमंत्री, गृह मंत्री तथा शिक्षा मंत्री सहित केंद्र सरकार के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ इस विषय पर चर्चा कर समाधान निकालना चाहिए। साजिद के अनुसार प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि छात्रों को बिना किसी व्यवधान के अपनी कक्षाओं में लौटने और अपनी पढ़ाई जारी रखने का अवसर मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार छात्रों की चिंताओं को दूर करने और इस प्रस्ताव को वापस लेने में विफल रहती है, तो एनएसयूआई नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित करेगी। इस विरोध प्रदर्शन में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय और दिल्ली विश्वविद्यालय सहित देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र शामिल होकर अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के छात्रों के समर्थन में अपनी आवाज उठाएंगे।