अब विवाहित बेटियों को मिलेगा डेथ ग्रेच्युटी का हक

डेथ ग्रेच्युटी नियम में बड़ा बदलाव, राज्य कर्मियों को राहत
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कोलकाता: राज्य सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर आई है। राज्य सरकार के वित्त विभाग ने ‘डेथ ग्रेच्युटी’ यानी मृत्युजनित वित्तीय लाभ से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। नवान्न सूत्रों के अनुसार. अब किसी सरकारी कर्मचारी की सेवा के दौरान या सेवानिवृत्ति के बाद मृत्यु होने पर उनकी विवाहित बेटी भी इस लाभ की कानूनी हकदार होगी। इस संबंध में 20 फरवरी 2026 को वित्त विभाग की पेंशन शाखा द्वारा आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई।

यह संशोधन संविधान के अनुच्छेद 309 के तहत ‘वेस्ट बंगाल सर्विसेज (डेथ-कम-रिटायरमेंट बेनिफिट) रूल्स, 1971’ के नियम 7 में बदलाव कर किया गया है। पहले लाभार्थियों की सूची में मृत पुरुष कर्मचारी की पत्नी, महिला कर्मचारी के पति, पुत्र (सौतेले पुत्र सहित), अविवाहित, विधवा और तलाकशुदा पुत्रियां शामिल थीं। इसके अलावा 18 वर्ष से कम आयु के भाई, अविवाहित या विधवा बहन तथा माता-पिता को भी पात्र माना गया था।

अब इस सूची में विवाहित पुत्रियों को भी शामिल कर परिवार की परिभाषा को विस्तृत और अधिक समावेशी बनाया गया है। अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन मामलों में विवाहित या तलाकशुदा बेटियों के दावे पहले से लंबित हैं, उन्हें नए नियम के तहत पुनः विचार कर निपटाया जा सकेगा। राज्यपाल की मंजूरी से जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

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