संकल्प पत्र नहीं, चिटफंड जैसे खोखले वादे : अभिषेक

भाजपा के संकल्प पत्र पर अभिषेक का तीखा सवाल
संकल्प पत्र नहीं, चिटफंड जैसे खोखले वादे : अभिषेक
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प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को भाजपा के ‘संकल्प पत्र’ पर तीखा हमला बोलते हुए इसे “चिटफंड जैसे खोखले वादों का पुलिंदा” करार दिया। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान के जवाब में भाजपा के 15 वादों की विस्तार से आलोचना की।

अभिषेक बनर्जी ने रोजगार के मुद्दे पर कहा कि भाजपा का 5 साल में 1 करोड़ नौकरियां देने का वादा अवास्तविक है। उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले हर साल 2 करोड़ नौकरियां देने का वादा किया था, जो पूरा नहीं हुआ। महिलाओं की सुरक्षा और आर्थिक सहायता को लेकर भाजपा के 3000 रुपये देने के वादे पर उन्होंने तीखा हमला करते हुए कहा, “एजेंसियों से कुछ नहीं कर पाए, अब पैसों के जरिए बंगाल की माताओं का सम्मान खरीदने आए हैं? क्या उनका सम्मान 3000 रुपये में बिक जाएगा?” उन्होंने कहा कि यदि केंद्र वास्तव में मदद करना चाहता है, तो राज्य सरकार को दरकिनार करके सीधे 2.42 करोड़ महिलाओं को राशि दे, कोई रोक नहीं है।

उन्होंने केंद्र पर संघीय ढांचे का सम्मान नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियां राज्य पुलिस को बिना सूचना दिए कार्रवाई करती हैं, जबकि जनता को सेवा देने में बाधाएं आती हैं। किसानों के मुद्दे पर उन्होंने एमएसपी सुनिश्चित नहीं करने, उर्वरकों की बढ़ती कीमतों और किसानों की आत्महत्याओं का मुद्दा उठाया। मछुआरों और चाय बागान श्रमिकों के संदर्भ में भी उन्होंने केंद्र सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चाय बागानों के लिए 2016 में घोषित पैकेज अब तक लागू नहीं हुआ।

भाषा विवाद पर उन्होंने कहा कि कूड़माली और राजबंशी को आठवीं अनुसूची में शामिल करने का दावा गलत है। राज्य सरकार ने 19 फरवरी को केंद्र को प्रस्ताव भेजा था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अभिषेक ने आयुष्मान भारत योजना में कथित अनियमितताओं का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य की योजनाएं अधिक प्रभावी हैं। उन्होंने ईडी और सीबीआई के कथित राजनीतिक इस्तेमाल का भी आरोप लगाया। अंत में, उन्होंने भाजपा को अपने वादों पर श्वेत पत्र जारी करने की चुनौती दी और कहा कि जनता इसका जवाब चुनाव में देगी।

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