प्रवचन नहीं, अनुभव से जागती चेतना का शिविर

‘नए दृष्टिकोण वाला शिविर’ का भव्य शुभारंभ
प्रवचन नहीं, अनुभव से जागती चेतना का शिविर
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मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : सन टू ह्यूमन फाउंडेशन द्वारा आयोजित छह दिवसीय “नए दृष्टिकोण वाला शिविर” का प्रथम दिवस अत्यंत ऊर्जावान, अनुशासित एवं जागरूक वातावरण में संपन्न हुआ। इस शिविर में 1500 से ज्यादा लोग शामिल हुए। शिविर के पहले सत्र में स्पष्ट रूप से बताया गया कि यह कार्यक्रम सिर्फ स्वास्थ्य सुधार करने या शरीर को स्वस्थ बनाने के लिए नहीं है, बल्कि अपने भीतर की चेतना को जाग्रत करने का एक प्रयोग है। यह शिविर शनिवार यानी 3 जनवरी से शुरू होकर 8 जनवरी तक चलेगा। इसमें लोगों को सिखाया गया कि भोजन करना, सांस लेना और रोजमर्रा की दिनचर्या को पूरा ध्यान और होश के साथ कैसे जिया जाए। यह शिविर पूज्य परम आलय जी के मार्गदर्शन में संचालित हो रहा है। पहले तीन दिनों तक शिविर का संचालन “परम मित्रों” द्वारा किया जा रहा है। यहां लंबा प्रवचन नहीं दिया जाता, बल्कि छोटे-छोटे अभ्यास कराकर खुद अनुभव कराया जाता है, ताकि लोग बातों को महसूस कर सकें। इस मौके पर राधे श्याम गोयनका, ललित बेरीवाला, कुंज बिहारी अग्रवाल, राजेंद्र खंडेलवाल, सुशील गोयनका, रवि बेरीवाला, रमेश सरावगी, एसपी तोषनीवाल, रमेश नांगलिया, परम महर्षि, आदित्य मिमानी, बालकृष्ण अग्रवाल, सुरेश जैन, कपिल गुप्ता, राधाकृष्ण टिबरेवाल, शालू अग्रवाल, परम मैत्रेयी व अन्य गण्मान्य उपस्थित रहे।

श्वसन और फेफड़ों पर सत्र

पहले दिन का मुख्य विषय था सांस लेने की सही विधि और फेफड़ों की सेहत। सरल भाषा में समझाया गया कि सही तरीके से सांस लेने से शरीर में ऊर्जा बढ़ती है, मन शांत होता है और स्वास्थ्य बेहतर होता है। कुछ आसान अभ्यास कराए गए, जिनका अच्छा असर लोगों ने तुरंत महसूस किया। सत्र के बाद साधकों को 20 से अधिक पोषक तत्वों से बना एक खास “अदृश्य नाश्ता” दिया गया। इस दौरान बताया गया कि नया साल तभी सच में नया बनता है, जब हम जीवन को देखने और जीने का तरीका बदलते हैं।

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