

निधि, सन्मार्ग संवाददाता
बैरकपुर : राज्य के परिवहन और श्रम मंत्री के फर्जी हस्ताक्षर और नाम का इस्तेमाल कर अवैध रूप से सरकारी दस्तावेज बनाने वाले एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। नोआपाड़ा थाना पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए बाप-बेटे को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस धोखाधड़ी के इस खेल में उनके साथ और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
कैसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा?
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान सोमनाथ दास और उसके बेटे रोमान दास के रूप में हुई है। यह गिरोह काफी समय से सक्रिय था। आरोपी राज्य के परिवहन और श्रम मंत्री के नाम का गलत इस्तेमाल कर रहे थे और जरूरतमंद लोगों को इनकम सर्टिफिकेट (आय प्रमाण पत्र) समेत कई अन्य फर्जी प्रमाण पत्र धड़ल्ले से बेच रहे थे। इन दस्तावेजों पर मंत्री के जाली हस्ताक्षर किए जाते थे, जिसके बदले आम नागरिकों से मोटी रकम वसूली जाती थी। पुलिस को इस अवैध धंधे की गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर गुरुवार की रात नोआपाड़ा थाने की टीम ने एक विशेष अभियान चलाकर दोनों आरोपियों को धर दबोचा। तलाशी के दौरान उनके पास से मंत्री के जाली हस्ताक्षर वाले कई संदिग्ध दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
शुक्रवार को पुलिस ने दोनों आरोपियों को बैरकपुर महकमा अदालत में पेश किया। पुलिस ने उनके खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और सरकारी दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ करने की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। प्रारंभिक जांच में पुलिस का अनुमान है कि यह गिरोह लंबे समय से इस तरह के अवैध कार्यों को अंजाम दे रहा था और इस फर्जीवाड़े का शिकार कई लोग हो चुके होंगे। अदालत से रिमांड मिलने के बाद पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।