

सिलचरः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार वैश्विक संघर्षों के कारण लोगों पर पड़ने वाले प्रभावों को न्यूनतम करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने साथ ही आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टी कांग्रेस देश में दहशत पैदा करने की कोशिश करके ‘‘गैर-जिम्मेदाराना’’ व्यवहार कर रही है।
मोदी के वैश्विक संघर्षों के प्रभाव को कम करने से अर्थ यह निकाला जा रहा है कि ईरान-इजराइल व अमेरिका युद्ध के कारण जो तेल और गैस को लेकर संकट पैदा हो रहा है, उससे निबटने के लिए सरकार प्रयास कर रही है। इन दिनों पूरे देश में खासकर रसोई गैस की किल्लत देखी जा रही है और गैस एजेंसियों के दफ्तरों के बाहर लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। हालांकि सरकार का दावा है कि रसोई गैस की कोई समस्या नहीं है और लोगों को जल्दीबाजी में बुकिंग करने से बचना चाहिए।
बहरहाल मोदी ने असम के सिलचर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस ने दशकों तक पूर्वोत्तर की अनदेखी की और स्वतंत्रता के दौरान ऐसी सीमा रेखा खींचने की अनुमति दी जिससे समुद्री मार्ग से बराक घाटी का संपर्क टूट गया। उन्होंने कहा, ‘‘विश्व में जारी युद्धों को देखते हुए, हमारा प्रयास है कि देश की जनता पर इनका प्रभाव न्यूनतम हो। कांग्रेस को एक जिम्मेदार राजनीतिक दल की भूमिका निभानी चाहिए थी लेकिन वह ऐसा करने में विफल रही। वह जनता में दहशत फैलाने की कोशिश कर रही है।’’
मोदी ने कहा, ‘‘उसके (कांग्रेस) पास न तो असम के लिए कोई दूरदृष्टि है और न ही राष्ट्र के लिए; वे (कांग्रेस नेता) केवल मोदी को गाली देना, अफवाहें फैलाना और लोगों को गुमराह करने के लिए झूठ बोलना जानते हैं।’’ प्रधानमंत्री ने पिछले महीने दिल्ली में हुई ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ में कांग्रेस के ‘‘कमीज उतारकर किए गए प्रदर्शन’’ को लेकर भी उस पर निशाना साधा और विपक्षी पार्टी पर देश को बदनाम करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ‘‘पूरी दुनिया एआई में रुचि रखती है, और दिल्ली में हुए सफल शिखर सम्मेलन में वैश्विक नेता, प्रौद्योगिकी कंपनियां और उनके प्रमुख शामिल हुए। लेकिन, कांग्रेस ने ‘कपड़ा फाड़ प्रदर्शनी’ कर देश को शर्मिंदा करने की कोशिश की।’’ मोदी ने कहा कि पूरा देश इस ‘‘अशोभनीय’’ विरोध प्रदर्शन की निंदा कर रहा है, लेकिन ‘‘कांग्रेस का शाही परिवार’’ अपनी पीठ थपथपा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस के पास अपने ही कपड़े फाड़ने के अलावा कोई चारा नहीं बचा है।’’
प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में लिप्त है और कहा कि यह पार्टी किसी भी राज्य के लोगों का कल्याण सुनिश्चित नहीं कर सकती। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस लगातार चुनाव हार रही है और निकट भविष्य में हार का शतक पूरा कर लेगी। हार की निराशा ने इसे राष्ट्र के विरुद्ध मोर्चा खोलने पर मजबूर कर दिया है और इसके नेता देश को बदनाम करने में लगे हैं।’’ प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पूर्वोत्तर को ‘दिल और दिल्ली’ दोनों से दूर रखा ताकि विकास इस क्षेत्र के लोगों तक न पहुंचे, जिससे वे हिंसा और पिछड़ेपन में फंसे रह गए।