ईंधन में एथेनॉल मिश्रण 20 प्रतिशत से अधिक बढ़ाने की योजना नहीं : पुरी
पणजी : केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को कहा कि केंद्र की फिलहाल पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण की मात्रा मौजूदा 20 प्रतिशत से अधिक बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। दक्षिण गोवा में 29वें ऊर्जा प्रौद्योगिकी एवं नवाचार सम्मेलन के उद्घाटन के मौके पर बातचीत के दौरान पुरी ने यह भी दावा किया कि जैव ईंधन को लेकर गलत जानकारी फैलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि ई20 (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को लेकर गलत जानकारी एक ‘मनगढंत कहानी’ है। ई20 ईंधन को लेकर जारी चर्चाओं के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘जहां तक जैव ईंधन का सवाल है... हां, एथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य 20 प्रतिशत था और फिलहाल इसे 20 प्रतिशत से अधिक बढ़ाने की कोई इच्छा नहीं है।’ उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर गलत जानकारी फैलाई जा रही है। सरकार आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने की अपनी रणनीति के तहत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को बढ़ावा दे रही है। आयातित कच्चा तेल देश के चालू खाते के घाटे के प्रमुख कारणों में से एक है। देश में ई20 ईंधन पहले ही शुरू किया जा चुका है, जिसमें 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल होता है। ‘अनुसंधान से व्यावसायीकरण तक ऊर्जा नवाचार को गति देना’ विषय पर आयोजित 3 दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन दक्षिण गोवा के बेतुल गांव में किया गया। इसका आयोजन केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय कर रहा है। पुरी ने कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक ‘पोस्ट’ देखी थी, जिसमें दावा किया गया था कि वाहन बंद पड़ गए हैं और उनमें खराबी आ रही है। इससे यह संकेत मिलता था कि सरकार ने मिश्रित ईंधन की बिक्री बंद कर दी है। उन्होंने कहा कि ई20 मिश्रित ईंधन का इस्तेमाल इसके अनुरूप बने वाहनों के लिए है। उन्होंने कहा, ‘2003 से पहले बने पुराने वाहनों में कुछ समस्या थी।’

