

सबिता, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : विधायक नौसाद सिद्दीकी को एसआईआर की नोटिस मिली है। उन्हें 27 जनवरी को जंगीपाड़ा बीडीओ ऑफिस में उपस्थित होने के लिए कहा गया है। उनके साथ परिवार के अन्य सदस्य को भी बुलाया गया है। भांगड़ विधानसभा से इंडियन सेकुलर फ्रंट के इकलौते विधायक और संगठन के अध्यक्ष नौशाद सिद्दीकी ने सन्मार्ग से बातचीत करते हुए कहा कि नोटिस मिली है और जरूर जाऊंगा। इससे मुझे डर नहीं लगता है। मैं देश का नागरिक हूं और मेरे वोट देने के अधिकार को कोई छीन नहीं सकता है। मतदान का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत मिला है। विधायक ने कहा कि मुझे और मेरे बड़े भाई तथा परिवार के अन्य सदस्य को लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी के तहत बुलाया गया है।
3 बार विजेता घोषित करने वाला आयोग आज मतदाता होने पर सवाल उठा रहा है : मंत्री
तृणमूल सांसद दीपक अधिकारी को हाल में एसआईआर सुनवाई के बुलाया गया था। अब राज्य के मंत्री ताजमुल हुसैन को सुनवाई के लिए बुलाया गया है। जानकारी के मुताबिक ताजमुल हुसैन को सुनवाई की नोटिस इसलिए भेजी गयी है, क्योंकि 2002 की मतदाता सूची में दर्ज उनके और उनके पिता के नाम में अंतर पाया गया है। उन्हें 29 जनवरी को 10:30 बजे सभी संबंधित दस्तावेजों के साथ सुनवाई के लिए पेश होने को कहा गया है। मंत्री ने कहा कि यह वही निर्वाचन आयोग है, जिसने मुझे तीन बार विधानसभा चुनावों का विजेता घोषित किया और अब वह यह सत्यापित करने की कोशिश कर रहा है कि क्या मैं एक वैध मतदाता हूं। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग तीन महीने बाद होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले किए जा रहे एसआईआर अभ्यास का मकसद पश्चिम बंगाल में भाजपा को लाभ पहुंचाना है। जनता राज्य में भाजपा सरकार स्थापित करने के मकसद से रची गई ऐसी सभी साजिशों का जवाब देगी। उल्लेखनीय है कि हुसैन 2006 से 2016 के बीच विधायक रहे। वह 2021 में तीसरी बार विधायक चुने गए, जिसके बाद उन्हें राज्य मंत्रिमंडल में भी जगह मिली।