

ईटानगर : अरुणाचल प्रदेश में प्रस्तावित सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट (SUMP) को लेकर जारी विरोध और स्थानीय लोगों की चिंताओं के बीच मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने बड़ा आश्वासन दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सियांग नदी पर बांध निर्माण को लेकर केंद्र या राज्य सरकार ने अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। परियोजना पर आगे बढ़ने से पहले स्थानीय लोगों से व्यापक विचार-विमर्श और उनकी सहमति जरूरी होगी।
फिलहाल केवल प्रारंभिक व्यवहार्यता रिपोर्ट की तैयारी
मुख्यमंत्री ने सियांग और अपर सियांग जिलों के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि फिलहाल परियोजना की प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट (PFR) तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। इसका उद्देश्य परियोजना की तकनीकी व्यवहार्यता, संभावित प्रभाव और वैकल्पिक उपायों का आकलन करना है। इसे बांध निर्माण की मंजूरी या लोगों के विस्थापन का फैसला नहीं माना जाना चाहिए।
चीन के बांध निर्माण से जल सुरक्षा की चिंता
खांडू ने कहा कि चीन यारलुंग त्सांगपो नदी पर भारत की सीमा के निकट बांध निर्माण कर रहा है। सियांग नदी के लगभग 65 प्रतिशत जल का स्रोत चीन में होने के कारण भविष्य में बाढ़ और सर्दियों में पानी की कमी जैसी चुनौतियां पैदा हो सकती हैं। ऐसे में वैज्ञानिक और तकनीकी आकलन जरूरी है।
पैतृक जमीन और संस्कृति की सुरक्षा का भरोसा
मुख्यमंत्री ने आदि समुदाय की जमीन, घरों, आजीविका और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी चिंताओं को गंभीर बताया। उन्होंने 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम का हवाला देते हुए पारदर्शिता और जन-सहमति का भरोसा दिया। साथ ही अरुणाचल इंडिजिनस ट्राइब्स फोरम की संवाद की पहल की सराहना करते हुए लोगों से अफवाहों और हिंसक विरोध से दूर रहने की अपील की।