निपाह अलर्ट : चिड़ियाघर में बदला माहौल

निपाह अलर्ट : चिड़ियाघर में बदला माहौल
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एक नजर मुख्य बातों पर

बायोसिक्योरिटी प्रोटोकॉल लागू

चमगादड़ों पर बढ़ी निगरानी

पर्यटकों में दिखी जागरूकता और चिंता

एंटीवायरल स्प्रे से कीटाणुशोधन

मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के मामलों की पुष्टि के बाद राज्य का स्वास्थ्य तंत्र सतर्क हो गया है। अब तक राज्य में निपाह वायरस के 3 मामले सामने आ चुके हैं, जिसके चलते प्रशासन अलर्ट मोड में है। संक्रमण के संभावित खतरों को देखते हुए अलीपुर जूलॉजिकल गार्डन में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। चिड़ियाघर प्रशासन ने फल खाने वाले चमगादड़ों, विशेषकर इंडियन फ्लाइंग फॉक्स की कॉलोनियों की निगरानी बढ़ा दी है।

निपाह को लेकर अलीपुर जू हाई अलर्ट पर

अलीपुर चिड़ियाघर की डायरेक्टर तृप्ति साह ने बताया कि चिड़ियाघर परिसर में जिन पेड़ों पर चमगादड़ रहते हैं, उनमें से अधिकांश में फल नहीं लगते। इसके बावजूद एहतियातन उन क्षेत्रों की नियमित निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि राज्य या केंद्र सरकार की ओर से कोई नई एडवाइजरी जारी की जाती है, तो चिड़ियाघर प्रशासन उस पर तत्काल कार्रवाई करेगा। चमगादड़ों के बसेरों के नीचे दिन में 3 से 4 बार कीटनाशक और एंटीवायरल स्प्रे का छिड़काव किया जा रहा है। इसके साथ ही आसपास के क्षेत्रों की भी साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही निपाह वायरस के संभावित प्रसार को रोकने के लिए चिड़ियाघर में पहले से ही बायोसिक्योरिटी प्रोटोकॉल लागू कर दिए गए हैं। ये एहतियाती उपाय दिसंबर महीने की शुरुआत के साथ ही शुरू कर दिए गए थे, जो जनवरी तक प्रभावी रहेंगे। आवश्यकता पड़ने पर इन उपायों की अवधि बढ़ाई जा सकती है। इन प्रोटोकॉल के तहत जानवरों के बाड़ों की नियमित सफाई, एंटीवायरल स्प्रे से कीटाणुशोधन, कचरे का सुरक्षित निपटान, कर्मचारियों के लिए सुरक्षा मानक, सार्वजनिक क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानियां तथा निरंतर निगरानी शामिल है।

भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष सैनिटाइजेशन

बायोसिक्योरिटी अभियान की देखरेख कर रहे चिड़ियाघर के एक अधिकारी ने बताया कि परिसर के रास्तों और जानवरों के बाड़ों के आसपास, जहां सबसे अधिक भीड़ रहती है, वहां दिन में कम से कम 2 बार हाइपोक्लोराइट और अन्य रासायनिक घोलों का छिड़काव किया जा रहा है। जानवरों के संपर्क में रहने वाले सभी कर्मचारियों के लिए सुरक्षात्मक दस्ताने और मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा बाड़ों के प्रवेश द्वारों पर फुटबाथ लगाए गए हैं, ताकि संक्रमण का खतरा कम किया जा सके। सफाईकर्मियों को भी ग्लव्स, मास्क और अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।

चमगादड़ों पर टिकीं पर्यटकों की निगाहें

इस बीच चिड़ियाघर घूमने आए कई पर्यटक चमगादड़ों को देखकर सतर्क नजर आए। निपाह वायरस का नाम सामने आते ही लोगों में जागरूकता के साथ-साथ चिंता भी बढ़ती दिखी। कुछ पर्यटकों को यह कहते हुए सुना गया कि निपाह वायरस के फैलाव को लेकर चमगादड़ों की भूमिका पर चर्चा हो रही है। पहले जिन चमगादड़ों पर शायद ही किसी का ध्यान जाता था, अब वही आम लोगों की नजरों में आ गए हैं। वायरस के डर के चलते लोग परिसर में चारों ओर नजरें दौड़ाते हुए हर गतिविधि को गौर से देखने लगे हैं। निपाह वायरस अब आम जनता की रोजमर्रा की बातचीत का विषय बनता जा रहा है।

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