एनएच-4 की जर्जर हालत, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से तत्काल हस्तक्षेप की मांग

एनएच-4 की जर्जर हालत, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के सांसद बिष्णु पद रे ने उत्तर एवं मध्य अंडमान में राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड द्वारा बाराटांग से डिगलीपुर तक संचालित राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण कार्यों की दुर्दशा पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से इस मामले में तत्काल और निर्णायक हस्तक्षेप की अपील की है। सांसद ने अपने पत्र में मंत्रालय द्वारा सीआरआईएफ और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के अंतर्गत दी गई उदार वित्तीय सहायता के लिए कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने बाराटांग से डिगलीपुर तक की सड़क परियोजनाओं, जिनमें मिडल स्ट्रेट–बाराटांग क्रीक ब्रिज और पैकेज III(A), III(B), IV, II, तथा VIII शामिल हैं, के लिए स्पष्ट समय-सीमाएँ निर्धारित की थीं। हालांकि पर्याप्त वित्तीय सहयोग और तय समय सीमा के बावजूद सांसद ने राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड के अभियंताओं और ठेकेदारों द्वारा खराब निगरानी, लापरवाही और घटिया निर्माण कार्य पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि बाराटांग से मायाबंदर के बीच कई हिस्सों में बड़े गड्ढे, टूटी सड़कें, ढहती दीवारें और भूस्खलन के कारण मार्ग बेहद खतरनाक हो चुका है और वाहनों की आवाजाही लगभग असंभव बन गई है। हाल ही में तैयार किए गए कई हिस्से भी अब टूट-फूट की स्थिति में हैं, जो निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न खड़े करते हैं। विशेष रूप से बेटापुर क्षेत्र में भूस्खलन से सुरक्षा दीवारों के असंतुलित निर्माण के कारण भूकंप जैसे दरारें उभर आई हैं। सांसद ने चेतावनी दी कि यदि तत्काल रोकथाम के कदम नहीं उठाए गए, तो किसी बड़े भूस्खलन से उत्तर और मध्य अंडमान के बीच संपर्क पूरी तरह टूट सकता है, जिससे आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित होगी और आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। बिष्णु पद रे ने कहा कि सड़कों की वर्तमान स्थिति “उस अवस्था से भी बदतर है, जब राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड ने यह कार्य अंडमान लोक निर्माण विभाग से अपने अधीन लिया था।” उन्होंने केंद्रीय मंत्री से प्राथमिकता के आधार पर तीन प्रमुख कदम उठाने का आग्रह किया। मंत्रालय से एक विशेषज्ञ टीम को द्वीप समूह भेजकर सड़क कार्यों की गुणवत्ता की जांच और निगरानी कराई जाए। एनएचआईडीसीएल को निर्देशित किया जाए कि अंतिम कार्य पूरे होने तक सड़कों को सुरक्षित और चलने योग्य स्थिति में बनाए रखा जाए। लापरवाही बरतने वाले अभियंताओं और ठेकेदारों पर उत्तरदायित्व तय करते हुए कार्रवाई की जाए, जिन्होंने न केवल जनता को कठिनाई में डाला बल्कि मंत्रालय की साख को भी नुकसान पहुँचाया है। सांसद ने कहा कि उन्हें नितिन गडकरी के नेतृत्व और कार्यशैली पर पूर्ण विश्वास है और उम्मीद जताई कि उनके व्यक्तिगत हस्तक्षेप से जनता को शीघ्र राहत मिलेगी तथा राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण कार्यों में जनता का भरोसा फिर से बहाल होगा।

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