

नयी दिल्ली : राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी), प्रधान पीठ, नई दिल्ली ने समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचार “मेघालय में अवैध कोयला खदान में विस्फोट से 18 लोगों की मौत” पर स्वतः संज्ञान लिया है। इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव, अध्यक्ष, एवं डॉ. ए. सेंथिल वेल, विशेषज्ञ सदस्य की पीठ द्वारा की गई।
अधिकरण ने यह पाया कि पूर्वी जयंतिया हिल्स ज़िले में अवैध रूप से संचालित रैट-होल कोयला खदान में डायनामाइट विस्फोट की घटना, पर्यावरण कानूनों के लगातार उल्लंघन को दर्शाती है, जबकि इस प्रकार की खनन गतिविधियों पर एनजीटी द्वारा प्रतिबंध लगाया जा चुका है, सर्वोच्च न्यायालय ने भी बरकरार रखा है।