

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में स्कूबा डाइविंग की सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पर्यटन निदेशालय ने नए नियम लागू किए हैं। हाल ही में निदेशालय के संज्ञान में यह बात आई कि कुछ पंजीकृत स्कूबा डाइविंग केंद्र सुरक्षा मानकों, पर्यवेक्षण और गुणवत्ता दिशानिर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं। इन मानकों का पालन द्वीपसमूह में संचालित सभी डाइविंग केंद्रों के लिए अनिवार्य है।
सुरक्षा और नियामक अनुपालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है कि डाइव पेशेवरों — अर्थात डाइव मास्टर और डाइव इंस्ट्रक्टर — द्वारा दिन में की जाने वाली डाइव्स की संख्या सीमित की जाएगी। अब प्रत्येक पंजीकृत डाइविंग पेशेवर एक दिन में अधिकतम चार डाइव ही कर सकेगा। यह कदम डाइवर्स की सुरक्षा बढ़ाने और थकान या लापरवाही से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए उठाया गया है।
पर्यटन निदेशालय ने सभी पंजीकृत स्कूबा डाइविंग केंद्रों और संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे इस नियम का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। इसके अलावा, नियम उल्लंघन करने वाले केंद्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें पंजीकरण रद्द करना और अन्य कठोर कदम शामिल हो सकते हैं, जैसा निदेशालय उचित समझेगा।
निदेशालय का कहना है कि ये नियम तत्काल प्रभाव से लागू होंगे और उनका उद्देश्य केवल डाइविंग गतिविधियों को नियंत्रित करना नहीं, बल्कि पर्यटकों और पेशेवर डाइवर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के नियम से डाइविंग उद्योग की पेशेवर छवि भी मजबूत होगी और पर्यटक अधिक सुरक्षित वातावरण में डाइविंग का अनुभव ले सकेंगे।
स्कूबा डाइविंग के लिए सुरक्षा मानक, उपकरण की गुणवत्ता, प्रशिक्षित स्टाफ और नियंत्रित डाइव संख्या जैसी शर्तों का पालन करना अब सभी केंद्रों के लिए अनिवार्य होगा। यह कदम अंडमान-निकोबार में डाइविंग पर्यटन को सुरक्षित, जिम्मेदार और पेशेवर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।