NEET-UG 2026 री-एग्जाम विवाद: सुप्रीम कोर्ट में जुलाई में होगी सुनवाई

प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बीच दोबारा परीक्षा कराने के फैसले को चुनौती, NTA और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग
NEET-UG 2026 री-एग्जाम विवाद: सुप्रीम कोर्ट में जुलाई में होगी सुनवाई
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नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा कराने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई जुलाई तक टाल दी है। अदालत ने कहा कि इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा की अध्यक्षता वाली पीठ करेगी।

बुधवार को प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ के समक्ष इस मामले की सुनवाई हुई। CJI सूर्यकांत ने कहा कि आंशिक कामकाज के दिनों के बाद जब अदालत का सामान्य काम शुरू होगा, तब जुलाई में इस याचिका पर सुनवाई की जाएगी।

प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद रद्द हुई थी परीक्षा

NEET-UG 2026 परीक्षा तीन मई को आयोजित की गई थी। कथित प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने परीक्षा रद्द कर दी थी। मामले की जांच फिलहाल केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) कर रहा है।

अब दोबारा NEET-UG परीक्षा 21 जून को आयोजित की जानी है।

याचिका में क्या मांग की गई है?

याचिकाकर्ताओं ने NEET-UG 2026 को दोबारा कराने के फैसले को रद्द करने की मांग की है। इसके साथ ही भविष्य की राष्ट्रीय परीक्षाओं के लिए सुरक्षित और तकनीक आधारित परीक्षा प्रणाली लागू करने का अनुरोध किया गया है।

याचिका में निम्न उपायों की मांग की गई है:

  • एन्क्रिप्टेड डिजिटल प्रश्नपत्र वितरण प्रणाली

  • बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी व्यवस्था

  • सुरक्षित कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली

इसके अलावा NTA की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति बनाने की मांग भी की गई है।

अंतरिम रोक लगाने की मांग

याचिका में अदालत से अनुरोध किया गया था कि अंतिम फैसला आने तक NEET-UG की दोबारा परीक्षा कराने के निर्णय पर रोक लगाई जाए।

हालांकि, अदालत ने इस मामले को जुलाई में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का फैसला किया है।

‘जवाबदेही तय किए बिना समस्या खत्म नहीं होगी’

NEET-UG से जुड़ी अन्य याचिकाओं पर 29 मई को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा से जुड़ी वास्तविक समस्या तब तक खत्म नहीं होगी, जब तक इसमें जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय नहीं होती।

अब सभी की नजर जुलाई में होने वाली सुनवाई पर है, जहां परीक्षा प्रक्रिया, NTA की भूमिका और दोबारा परीक्षा के फैसले को लेकर अदालत आगे की दिशा तय करेगी।

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