परम वीर चक्र विजेताओं को समर्पित सागर यात्रा पर एनसीसी कैडेट्स रवाना

परम वीर चक्र विजेताओं को समर्पित सागर यात्रा पर एनसीसी कैडेट्स रवाना
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : अंडमान एवं निकोबार राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) के 20 कैडेट्स 17 दिसंबर 2025 को भारतीय नौसेना के एक पोत पर सवार होकर ‘परम वीर सागर यात्रा’ के लिए रवाना हुए। यह प्रतीकात्मक समुद्री अभियान देश के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार, परमवीर चक्र, विजेताओं के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को सम्मान देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

यह अभियान प्रधानमंत्री द्वारा पराक्रम दिवस 23 जनवरी 2023 को घोषित निर्णय से जुड़ा है, जिसके तहत अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के 21 निर्जन द्वीपों का नामकरण परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर किया गया। कैडेट्स इस सागर यात्रा के माध्यम से इन 21 द्वीपों का दौरा करेंगे। यात्रा के प्रथम चरण में कैडेट्स प्रत्येक द्वीप से मिट्टी एकत्र करेंगे और उसे कलश में सुरक्षित रखेंगे। बाद में यह कलश नई दिल्ली में प्रधानमंत्री को विधिवत रूप से भेंट किया जाएगा।

यात्रा का मुख्य उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति, अनुशासन और राष्ट्रीय गौरव की भावना को प्रबल करना है। इसके अलावा, यह पहल कैडेट्स में टीमवर्क, नेतृत्व और साहसिक क्षमताओं को विकसित करने का भी अवसर प्रदान करेगी। इस यात्रा से कैडेट्स न केवल समुद्री जीवन की चुनौतियों का अनुभव करेंगे, बल्कि वे देश की महान वीरता की कहानियों से प्रेरित भी होंगे।

यात्रा से पूर्व लेफ्टिनेंट कमांडर रेयाज फारूक, कमांडिंग ऑफिसर, 1 (अंडमान एवं निकोबार) नेवल यूनिट एनसीसी ने कैडेट्स को सुरक्षा और जहाज पर आचरण संबंधी विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कैडेट्स को सतर्क रहने, नियमों का पालन करने और प्रत्येक गतिविधि में अनुशासन बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया।

इस अवसर पर कर्नल टी हरितेजा, ग्रुप कमांडर, चेन्नई ‘ए’ ग्रुप तथा कर्नल कंवर युद्धेश्वर सिंह, कमांडिंग ऑफिसर, 1 (अंडमान एवं निकोबार) आर्मी यूनिट एनसीसी भी उपस्थित रहे। उन्होंने कैडेट्स को शुभकामनाएं दीं और उन्हें प्रेरित किया कि वे इस यात्रा के दौरान अपने प्रशिक्षण, अनुशासन और साहस का प्रदर्शन करें।

इस प्रकार, ‘परम वीर सागर यात्रा’ न केवल एनसीसी कैडेट्स के लिए एक महत्वपूर्ण अनुभव साबित होगी, बल्कि यह देश के वीरों के प्रति सम्मान और युवाओं में राष्ट्रभक्ति की भावना को जागृत करने में भी सहायक होगी। इस यात्रा के माध्यम से आने वाले वर्षों में युवा पीढ़ी में देशप्रेम और सेवा भाव को और मजबूती मिलेगी।

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