

मुंबईः महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता गणेश नाईक ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि नवी मुंबई महानगर पालिका चुनाव की मतदाता सूची में उनका नाम नहीं था, लेकिन घंटों तक बूथों के बीच भागदौड़ करने के बाद आखिरकार वह अपना वोट डालने में कामयाब रहे।
नाईक ने सुबह बताया कि वह कई सालों से अपने परिवार के साथ नवी मुंबई के स्कूल नंबर 94 में वोट डालते आ रहे थे लेकिन इस बार उन्हें बताया गया कि मतदान सेंट मैरी हाई स्कूल में होगा। नाईक ने स्कूल नंबर 94 के बाहर पत्रकारों से कहा, ‘‘जब मैं वहां गया तो मुझे जो कक्ष संख्या 9 बताया गया था वहां नहीं मिला और मेरा नाम मतदाता सूची में भी नहीं था, इसलिए मैं अपना वोट नहीं डाल सका।’’
बाद में वह फिर से सेंट मैरी स्कूल गए और बताया कि उनके परिवार के सदस्य और रिश्तेदार नवी मुंबई की एक ही इमारत में रहते हैं, लेकिन उनके नाम तीन अलग-अलग मतदान केंद्रों में लिखे हुए थे। वन मंत्री को बाद में अपना नाम सूची में मिला और उन्होंने सेंट मैरी स्कूल में अपना वोट डाला। उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘जब मैं सेंट मैरी स्कूल वापस आया, तो स्थानीय अधिकारियों ने मुझे बताया कि मेरा नाम मतदाता सूची में है। मैं मतदान केंद्र गया और अपना वोट डाला। कुल मिलाकर अव्यवस्था को देखते हुए, मुझे लगता है कि अधिकारी अपना काम ठीक से नहीं कर रहे हैं। उन्हें और अधिक सावधानी रखनी चाहिए।’’
इससे पहले, जब उनसे पूछा गया कि इस चूक के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए, तो नाईक ने दावा किया कि राज्य निर्वाचन आयोग दोषी है। उन्होंने कहा, ‘‘अगर मेरे जैसे मंत्री का नाम भी मतदाता सूची से गायब हो सकता है, तो आम मतदाताओं के साथ क्या हो रहा होगा, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है।’’