

कोलकाता : नेताजी सुभाष चंद्र बोस को लेकर भाजपा नेताओं की कथित विवादित टिप्पणियों पर विधानसभा में सियासी घमासान तेज हो गया। आईएसएफ विधायक व पार्टी प्रमुख नौशाद सिद्दीकी ने संसदीय नियम 185 के तहत निंदा प्रस्ताव पेश कर भाजपा को घेरा। उन्होंने अनंत महाराज और राज्यसभा सांसद शमिक भट्टाचार्य से जुड़े बयानों का हवाला देते हुए नेताजी को लेकर इस तरह की टिप्पणी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
नौशाद ने कहा कि नेताजी किसी राजनीतिक दल के नहीं, बल्कि पूरे देश और बंगाल के गौरव हैं। स्वतंत्रता संग्राम के महानायक के संबंध में विवादित टिप्पणी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि नेताजी की विरासत को राजनीतिक लाभ के लिए विवादों में घसीटना उनके योगदान का अपमान है।
उन्होंने कहा, “यह देखकर हैरान हूं कि न तो केंद्रीय भाजपा और न ही प्रदेश भाजपा नेतृत्व ने इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया दी। यह बेहद दुखद और अपमानजनक है।”
अनंत महाराज की कथित टिप्पणी और शमिक भट्टाचार्य के बयान का जिक्र करते हुए नौशाद ने सवाल उठाया कि क्या भाजपा नेताओं को नेताजी जैसे राष्ट्रीय नायक के बारे में इस तरह की भाषा इस्तेमाल करने की छूट दी जा सकती है। उन्होंने विधानसभा से दोनों टिप्पणियों की स्पष्ट शब्दों में निंदा करने की मांग की।
नौशाद के प्रस्ताव के बाद विधानसभा में भाजपा और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक टकराव और बढ़ने के आसार हैं।