

महाराष्ट्र के नासिक स्थित एक TCS से जुड़े BPO यूनिट में कथित यौन शोषण, मानसिक उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के आरोपों ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। मामले में अब तक 9 FIR दर्ज की गई हैं और 8 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 7 पुरुष और 1 महिला ऑपरेशंस मैनेजर शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, 26 वर्षीय निदा खान को इस मामले में “फरार मास्टरमाइंड” बताया गया है। हालांकि, उनके परिवार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि वह मुंबई में अपने घर पर हैं और गर्भवती हैं, न कि फरार। परिवार का दावा है कि उन्हें गलत तरीके से फंसाया जा रहा है और सोशल मीडिया पर उनकी छवि के साथ छेड़छाड़ की गई है।
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने एक गुप्त ऑपरेशन चलाया। फरवरी में मिली सूचना के बाद 6 महिला पुलिसकर्मियों ने 40 दिनों तक BPO में कर्मचारी बनकर काम किया और अंदर चल रही गतिविधियों पर नजर रखी।
पहली शिकायत 26 मार्च को 23 वर्षीय महिला कर्मचारी ने देवळाली पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई, जिसमें एक सीनियर पर शादी का झांसा देकर रेप करने का आरोप लगाया गया। इसके बाद 8 और कर्मचारियों ने यौन, मानसिक और धार्मिक उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई।
शिकायतों में आरोप है कि कुछ कर्मचारी जूनियर्स पर दबाव बनाकर धर्म परिवर्तन के लिए उकसाते थे और आपत्तिजनक टिप्पणियां करते थे। साथ ही, विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर संदिग्ध गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए SIT के साथ NIA, ATS और स्टेट इंटेलिजेंस विभाग को भी जांच में शामिल किया गया है।
वहीं, TCS ने कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार 8 में से 7 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है और आंतरिक जांच शुरू कर दी है। कंपनी ने कहा है कि वह इस तरह के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाती है।
फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कंपनी की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) होने के बावजूद पीड़ितों ने पहले शिकायत क्यों नहीं की।