नमाज पर बयान देकर घिरीं Namita Thapar, ट्रोलिंग पर बोलीं- चुप रहना अब विकल्प नहीं

'Shark Tank India' जज ने ऑनलाइन गालियों पर तोड़ी चुप्पी, कहा- महिलाओं के सम्मान पर ‘सेलेक्टिव आक्रोश’ क्यों?
नमाज पर बयान देकर घिरीं Namita Thapar, ट्रोलिंग पर बोलीं- चुप रहना अब विकल्प नहीं
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Namita Thapar, जो Shark Tank India की जज और Emcure Pharmaceuticals की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं, नमाज पर दिए गए एक बयान के बाद सोशल मीडिया ट्रोलिंग का सामना कर रही हैं। अब उन्होंने इस पूरे विवाद पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि अपमान के सामने चुप रहना कोई गुण नहीं है।

नमिता थापर ने एक वीडियो जारी कर बताया कि पिछले करीब तीन हफ्तों से उन्हें लगातार ऑनलाइन गालियां दी जा रही हैं और ट्रोल्स ने उनकी मां को भी निशाना बनाया है। उन्होंने कहा कि यह हमला बेहद व्यक्तिगत और अस्वीकार्य है।

अपने बयान में उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी होने के नाते वह धार्मिक प्रथाओं को केवल वेलनेस के नजरिए से देखती हैं। उन्होंने कहा कि वह पहले भी योग और सूर्य नमस्कार जैसे हिंदू परंपराओं के स्वास्थ्य लाभों पर बात कर चुकी हैं, लेकिन तब ऐसा विरोध नहीं हुआ।

उन्होंने सवाल उठाया कि दूसरी धार्मिक परंपराओं पर बात करने पर “सेलेक्टिव आक्रोश” क्यों देखने को मिलता है। नमिता ने कहा कि धर्म का मतलब सम्मान होना चाहिए, खासकर महिलाओं के लिए। उन्होंने आलोचकों को कर्म की याद दिलाते हुए कहा कि “भगवान सब देख रहे हैं।”

विवाद की शुरुआत मार्च 2026 में हुई थी, जब ईद के बाद नमिता ने एक वीडियो में नमाज को “सुंदर आध्यात्मिक अभ्यास” बताया था। उन्होंने कहा था कि नमाज एक तरह की फुल-बॉडी एक्सरसाइज है, जो शरीर की लचीलापन, जोड़ों के स्वास्थ्य और मानसिक शांति में मदद कर सकती है।

उन्होंने नमाज की कुछ मुद्राओं की तुलना योगासन Vajrasana से भी की थी और कहा था कि इससे पाचन में मदद मिल सकती है। साथ ही नमाज की दोहराव वाली ध्यान प्रक्रिया को तनाव कम करने और फोकस बढ़ाने में सहायक बताया था।

अब इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए नमिता ने लोगों से अपील की है कि जब भी किसी के साथ गलत हो, तो मानवता और सम्मान के लिए आवाज उठानी चाहिए।

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