

निधि, सन्मार्ग संवाददाता
नैहाटी: पश्चिम बंगाल में अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद नैहाटी नगरपालिका के 4 नंबर वार्ड का है, जहां खुद इलाके के जनप्रतिनिधि यानी तृणमूल कांग्रेस के पार्षद सुशांत सरकार और उनकी माता आरती सरकार का नाम मतदाता सूची से 'डिलीट' पाया गया है। इस घटना को लेकर ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) ने अपने आधिकारिक 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर तीखी प्रतिक्रिया साझा की है।
TMC ने 'एक्स' पर साधा निशाना
तृणमूल कांग्रेस ने इस घटना को भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत बताते हुए इसे "साइलेंट इनविजिबल रिगिंग" करार दिया है। पार्टी का आरोप है कि वास्तविक मतदाताओं को "भूत" की तरह मिटाया जा रहा है। सवाल उठाया गया है कि क्या चुनाव आयोग दिल्ली के "जमींदारों" के इशारे पर काम कर रहा है और जानबूझकर असली मतदाताओं का नाम गायब कर रहा है?
पार्षद और उनके परिवार में भारी आक्रोश
दूसरी ओर पार्षद सुशांत सरकार ने बताया कि न केवल उनका और उनकी मां का नाम हटाया गया, बल्कि उनके पिता का नाम भी पहले से ही सूची से गायब था। सुशांत ने अपने पिता के लिए फॉर्म-6 भरा था, लेकिन उन्हें अब भी नहीं पता कि नाम जुड़ा है या नहीं। उनके अनुसार, अकेले उनके बूथ से 74 लोगों के नाम डिलीट कर दिए गए हैं। वर्षों से मतदान कर रहे उनके बुजुर्ग माता-पिता इस 'गायब' होने के खेल से गहरे मानसिक तनाव में हैं। सुशांत सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ एक गहरी साजिश बताया है। अब इस मुद्दे पर दमदम-बैरकपुर जिला तृणमूल संगठन अध्यक्ष पार्थ भौमिक ने विरोध आंदोलन करने की घोषणा की है।