निधि, सन्मार्ग संवाददाता
नदिया : 16 साल की उम्र में हीरो बनने की धुन ऐसी सवार हुई कि एक किशोर अपना घर-बार छोड़कर मुंबई के सपनों के साथ गायब हो गया। 35 साल तक परिवार से कोई संपर्क न होने पर परिजनों और ग्रामीणों ने उसे मृत मान लिया था। लेकिन तीन दशकों से भी अधिक समय बाद वही ‘मृत’ मान लिया गया लड़का जब अचानक अपने घर लौटा, तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। यह हैरान कर देने वाली घटना नदिया जिले के थानापाड़ा थाना अंतर्गत पिपुलखोला की है। वापस लौटे शख्स का नाम रेंटु शेख है। इतने सालों बाद जब रेंटु गांव पहुंचे, तो शुरुआत में परिजनों को उन्हें पहचानने में दिक्कत हुई।
पिता ने की पहचान, गुवाहाटी में काम कर रहा था रेंटु शेख
हालांकि, कानों की विशेष बनावट और बचपन की यादों के आधार पर उनके बुजुर्ग पिता उहाब शेख ने अपने बेटे को पहचान लिया। रेंटु के मुताबिक, घर छोड़कर भागने के बाद वह असम के गुवाहाटी चला गया था। हीरो बनने का सपना तो अधूरा रह गया, लेकिन पेट पालने के लिए वह वहीं काम करने लगा। साधनों की कमी और संपर्क न हो पाने के कारण वह इतने सालों तक घर वापस नहीं लौट सका। रेंटु के पिता ने बताया कि उन्होंने बेटे की तलाश बंगाल से लेकर बांग्लादेश तक की थी, लेकिन कोई सुराग न मिलने पर उम्मीद छोड़ दी थी। बचपन के दोस्त जुबायर अहमद ने बताया कि गांव काफी बदल गया है, इसलिए रेंटु अपना घर नहीं पहचान पा रहा था। फिलहाल रेंटु कुछ महीने परिवार के साथ बिताकर वापस गुवाहाटी काम पर लौट जाएगा।