अभाव में बीती जिंदगी, मौत के बाद फटीं पोटलियां तो निकला 'खजाना'

वृद्धा के जर्जर मकान से मिले 1.20 लाख नकद और बोरियों में भरे सिक्के!
Nadia Woman Dies Leaving Behind Over 1 Lakh Cash and Coins in House
सांकेतिक फोटो
Published on: 

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

नदिया : नदिया जिले के मुरुटिया थाना अंतर्गत शिकारपुर बारुईपाड़ा गांव में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। सालों से अभाव और गुमनामी में अकेले रह रही पचास वर्षीय निसंतान महिला यमुना घोषाल का निधन हो गया। पति से अलग रहने वाली यमुना को पड़ोसी गरीब और बेसहारा समझकर खाना, कपड़े और आर्थिक मदद देते थे। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि जिस महिला को वे मदद दे रहे हैं, उसके पास लाखों रुपये जमा हैं। बीमार पड़ने पर जब पड़ोसियों ने उनके जर्जर मकान की सफाई शुरू की, तो नजारा देखकर सभी दंग रह गए।

नोटों की पोटलियां और बोरियों में भरे सिक्के, अंतिम संस्कार में खर्च होगी पूरी पाई-पाई

कमरे के कोने-कोने, फटे कपड़ों की पोटलियों और प्लास्टिक के कैरी बैग्स से लगभग 1.20 लाख रुपये नकद और एक बोरी भरकर सिक्के बरामद हुए। बरामद रकम में 2,000, 1,000 और 500 रुपये के पुराने नोटों के साथ-साथ वर्तमान में प्रचलित मुद्राएं और सिक्के शामिल हैं। हालांकि, उचित रखरखाव न होने के कारण कई नोट सड़कर खराब भी हो चुके थे। पड़ोसियों ने इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए यह फैसला लिया है कि जीवनभर अभाव झेलने वाली यमुना के घर से मिली इस धनराशि का एक-एक पैसा उनके सम्मानजनक अंतिम संस्कार और पारलौकिक कार्यों में ही खर्च किया जाएगा।

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