संदेशखाली में पुलिस पर हमले का मास्टरमाइंड मूसा मोल्ला गिरफ्तार

अब तक 13 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
Musa Molla, the mastermind behind the attack on the police in Sandeshkhali, has been arrested.
सांकेतिक फोटो
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

बशीरहाट/संदेशखाली: पश्चिम बंगाल के चर्चित संदेशखाली क्षेत्र में पुलिस टीम पर हुए बर्बर हमले के मामले में सुरक्षाबलों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। नैजाट थाने की पुलिस ने मंगलवार को एक गुप्त अभियान चलाकर घटना के मुख्य सूत्रधार और मास्टरमाइंड मूसा मोल्ला को हुलोपाड़ा इलाके से गिरफ्तार कर लिया है। मूसा की गिरफ्तारी इस मामले में मील का पत्थर मानी जा रही है, क्योंकि उसी के इशारे पर भीड़ ने कानून को हाथ में लिया था। इस कार्रवाई के बाद अब तक गिरफ्तार किए गए कुल आरोपियों की संख्या 13 तक पहुंच गई है।

विवाद की जड़: धारा 144 और अवैध निर्माण

यह पूरी घटना पिछले शुक्रवार की रात उस समय शुरू हुई, जब पुलिस को सूचना मिली कि बशीरहाट के बयारमारी-2 ग्राम पंचायत के चुंचुरा इलाके में एक विवादित जमीन पर अवैध रूप से निर्माण कार्य किया जा रहा है। गौरतलब है कि उक्त जमीन पर माननीय अदालत के स्पष्ट आदेशानुसार धारा 144 लागू थी और किसी भी प्रकार की गतिविधि पर रोक थी।

आरोप है कि जेल में बंद पूर्व तृणमूल नेता शेख शाहजहां के कट्टर समर्थक अदालत के निर्देशों की धज्जियां उड़ाते हुए वहां जबरन पक्का निर्माण करने की कोशिश कर रहे थे। जब नैजाट थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और काम रोकने का निर्देश दिया, तो वहां मौजूद भीड़ भड़क उठी।

सोची-समझी साजिश के तहत हुआ हमला

जांचकर्ताओं के अनुसार, यह हमला अचानक नहीं हुआ बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। मूसा मोल्ला खुद उस अवैध निर्माण की निगरानी कर रहा था। जैसे ही पुलिस ने कार्रवाई की बात कही, मूसा के उकसावे पर भीड़ ने पुलिस अधिकारियों के साथ पहले तीखी बहस की और फिर अचानक हमला बोल दिया।

अंधेरे का फायदा उठाकर भीड़ ने पुलिस टीम पर भारी पथराव किया और लाठी-डंडों से हमला किया। इस हिंसक झड़प में 6 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उपद्रवियों ने न केवल कर्मियों को निशाना बनाया, बल्कि सरकारी संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचाया और पुलिस की गाड़ियों में जमकर तोड़फोड़ की।

पुलिस की सक्रियता और आगे की कार्रवाई

घटना के बाद से ही पुलिस ने इलाके में सघन तलाशी अभियान (Combing Operation) शुरू कर दिया था। शनिवार को मूसा के भाई समेत कई अन्य आरोपियों को दबोचा गया था, लेकिन मूसा लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। आखिरकार मंगलवार को हुलोपाड़ा में उसकी मौजूदगी की सटीक जानकारी मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि मूसा से पूछताछ में कई और नामों के खुलासे होने की उम्मीद है जो इस हिंसा को हवा दे रहे थे। इलाके में तनाव को देखते हुए अभी भी पुलिस बल की तैनाती बनी हुई है और फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

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