बहनोई से अवैध संबंध के शक में हत्या : दोषी भाई-बहन को आजीवन कारावास

Murder on suspicion of illicit relationship with brother-in-law: Guilty brother and sister get life imprisonment
सांकेतिक फोटो REP
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

बनगांव: अवैध संबंध के संदेह में एक युवती की निर्मम हत्या करने के एक सनसनीखेज मामले में, बनगांव कोर्ट ने अभियुक्त भाई और बहन दोनों को दोषी करार दिया है और उन्हें आजीवन कारावास (Life Imprisonment) की कठोर सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने सजा के साथ-साथ उन पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। अपनी बेटी के हत्यारों को सजा मिलने पर मृतक का परिवार संतुष्ट और न्याय पाकर खुश है।

प्रेम-प्रसंग और फिर विश्वासघात

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मृत महिला का नाम रहिमा मंडल था, जो गोपालनगर थाने के नतिडांगा इलाके की रहने वाली थी। रहिमा का पड़ोसी बाकीबुल्ला मंडल से प्रेम संबंध था। बाकीबुल्ला पहले से शादीशुदा था, फिर भी उसने रहिमा को शादी का झूठा वादा किया और उसे अपने साथ मुंबई ले गया।

मुंबई में बाकीबुल्ला, रहिमा के साथ अपनी बहन तारबानू मंडल और उसके पति के साथ रहने लगा। कुछ समय बाद, बाकीबुल्ला और उसकी बहन तारबानू को यह गंभीर संदेह हुआ कि रहिमा का तारबानू के पति यानी बाकीबुल्ला के बहनोई के साथ विवाहेतर संबंध (Extramarital Affair) बन गया है।

षड्यंत्र रचकर की हत्या, शव को रसोई में गाड़ा

इस संदेह ने दोनों भाई-बहन के मन में गहरा द्वेष पैदा कर दिया। इसी संदेह के चलते, बाकीबुल्ला और तारबानू मंडल ने मिलकर रहिमा की हत्या की साजिश रची। साजिश के तहत, वे रहिमा को बदुड़िया थाने के अंतर्गत आने वाले ईश्वरीगाछा स्थित तारबानू मंडल के ससुराल ले आए।

वहाँ, बाकीबुल्ला और तारबानू मंडल ने मिलकर रहिमा मंडल का गला घोंटकर (Strangulation) उसकी नृशंस हत्या कर दी। हत्या करने के बाद, उन्होंने क्रूरता की हद पार करते हुए सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव को घर के रसोई घर में ही दफना दिया

पुलिस की जांच और न्याय की जीत

रहिमा का लंबे समय तक कोई पता न चलने पर, उसकी माँ काबेरा खातून ने गोपालनगर थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जांच शुरू की और अभियुक्तों से गहन पूछताछ की। लंबी जांच और दबाव के बाद, जनवरी 2024 में यह भयानक खुलासा हुआ कि भाई-बहन ने रहिमा की हत्या कर उसके शव को रसोई घर में दफना दिया है।

पुलिस ने शव को बरामद कर कानूनी प्रक्रिया पूरी की और अदालत में ठोस सबूतों के साथ चार्जशीट पेश की। मामले की सुनवाई के दौरान 28 गवाहों की गवाही ली गई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, न्यायाधीश ने सभी साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए बाकीबुल्ला मंडल और तारबानू मंडल को हत्या का दोषी ठहराया।

न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाकर पीड़ित परिवार को न्याय सुनिश्चित किया। मृतक की माँ ने कोर्ट के इस फैसले पर संतोष व्यक्त करते हुए न्यायपालिका और पुलिस का आभार जताया है।

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