मुंबई : 21 घंटे से अधिक लंबी विसर्जन यात्राओं के बाद मुंबई ने गणपति प्रतिमाओं को दी विदाई

मंडला में हादसा
गणपति बप्पा की हुई भावभीनी विदाई, लालबाग के राजा हो रहें विदा
गणपति बप्पा की हुई भावभीनी विदाई, लालबाग के राजा हो रहें विदा
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मुंबई/मंडला : मुंबई में अनंत चतुर्दशी के अवसर पर शुरू हुई गणपति विसर्जन यात्राएं 21 घंटे से अधिक समय तक चलने के बाद शनिवार को प्रमुख प्रतिमाओं के समुद्र में विसर्जन के साथ अपने अंतिम चरण में पहुंचीं। लालबाग का राजा, चिंचपोकली के चिंतामणि और अन्य प्रसिद्ध गणपति प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। वहीं, मध्यप्रदेश के मंडला जिले में गणेश पंडाल में बिजली का तार टूटकर गिरने से चार युवकों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए।

मुंबई में 21 घंटे से अधिक चलीं विसर्जन यात्राएं

मुंबई में गणपति विसर्जन यात्राओं की शुरुआत शुक्रवार सुबह अनंत चतुर्दशी के दिन हुई थी। 12 दिवसीय गणेश उत्सव के अंतिम दिन शुरू हुईं ये यात्राएं रातभर जारी रहीं। प्रमुख गणपति मंडलों की प्रतिमाओं के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु सड़कों पर मौजूद रहे। विसर्जन मार्गों पर श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। विभिन्न स्थानों पर पुलिस, नगर निकाय के कर्मचारी, लाइफगार्ड और मेडिकल टीमें तैनात रहीं।

अरब सागर में हुआ लालबाग का राजा का विसर्जन

मुंबई की प्रसिद्ध गणपति प्रतिमा लालबाग का राजा का शनिवार पूर्वाह्न करीब 10:50 बजे अरब सागर में विसर्जन किया गया। विसर्जन से पहले भारी भीड़ के बीच पारंपरिक पूजा और आरती की गई। पूजा-अर्चना के बाद प्रतिमा को एक बजरे पर रखा गया। इसके बाद स्थानीय मछुआरों और श्रद्धालुओं की मदद से बजरे को समुद्र के गहरे पानी की ओर ले जाया गया, जहां प्रतिमा का अंतिम विसर्जन किया गया। लालबाग का राजा के विसर्जन को देखने और यात्रा में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु समुद्र तट और विसर्जन मार्गों पर पहुंचे थे।

अनंत अंबानी भी विसर्जन के दौरान बजरे पर रहे मौजूद

लालबाग का राजा के विसर्जन के दौरान उद्योगपति मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी भी बजरे पर मौजूद थे। गणेश उत्सव के दौरान अनंत अंबानी कई बार लालबाग का राजा के पंडाल में पहुंचे थे और उन्होंने विसर्जन यात्रा में भी हिस्सा लिया।

चिंचपोकली के चिंतामणि और बल्लालेश्वर का भी विसर्जन

मुंबई की अन्य प्रमुख गणपति प्रतिमाओं का भी शनिवार को विसर्जन किया गया। चिंचपोकली के चिंतामणि की प्रतिमा का सुबह करीब 10 बजे विसर्जन हुआ। इसके बाद लालबाग के बाल गणेश मंडल की प्रसिद्ध बल्लालेश्वर प्रतिमा का लगभग 11 बजे विसर्जन किया गया। इन प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। नगर निकाय के अधिकारियों के अनुसार, मुंबई में ज्यादातर विसर्जन यात्राएं पूरी हो चुकी थीं। हालांकि, विभिन्न समुद्र तटों पर कुछ बड़ी गणपति प्रतिमाएं विसर्जन के लिए बाकी थीं।

24 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती

गणपति विसर्जन के दौरान सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए मुंबई पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए थे। शहर में 67 प्राकृतिक विसर्जन स्थलों और 383 कृत्रिम तालाबों पर सुरक्षित विसर्जन सुनिश्चित करने के लिए 24,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। विसर्जन मार्गों और समुद्र तटों पर भीड़ को नियंत्रित करने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल को तैनात किया गया था।

बीएमसी ने भी किए व्यापक इंतजाम

बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने विसर्जन व्यवस्था के लिए 25,000 कर्मचारियों को तैनात किया था। इनके अलावा विभिन्न विसर्जन स्थलों पर लाइफगार्ड, मेडिकल टीमें और भारी क्रेन भी उपलब्ध कराई गई थीं। नगर निकाय की ओर से प्राकृतिक और कृत्रिम दोनों विसर्जन स्थलों पर व्यवस्था की गई थी, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन कर सकें।

विसर्जन के साथ शुरू हुआ सफाई अभियान

गणेश उत्सव के समापन के साथ ही मुंबई में सफाई अभियान भी शुरू कर दिया गया। नगर निकाय के सफाई कर्मचारियों ने विसर्जन स्थलों और प्रमुख विसर्जन मार्गों पर सफाई का काम शुरू किया। विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के कारण सड़कों और समुद्र तटों पर जमा कचरे को हटाने के लिए कर्मचारियों को लगाया गया। नगर निकाय ने विसर्जन स्थलों पर सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त संसाधनों का भी इस्तेमाल किया।

मंडला में गणेश पंडाल में करंट लगने से चार की मौत

मध्य प्रदेश के मंडला जिले में शनिवार तड़के एक गणेश पंडाल में बिजली का तार टूटकर गिरने और करंट लगने से चार युवकों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, घटना जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर नैनपुर के हीरापुर गांव में हुई। गणेश प्रतिमा के विसर्जन के बाद आयोजन समिति के सदस्य वापस लौटे थे। इसके बाद आठ युवक पंडाल के अंदर सो गए थे।

शॉर्ट सर्किट के बाद टूटा बिजली का तार

नैनपुर थाना प्रभारी मनशराम वागेन ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार पंडाल में शॉर्ट सर्किट हुआ था। इसके कारण बिजली का तार टूटकर नीचे गिर गया। पुलिस के अनुसार, सुबह करीब पांच बजे बिजली आपूर्ति दोबारा शुरू होने के बाद जमीन पर गिरे तार के संपर्क में आने से युवकों को करंट लग गया। थाना प्रभारी ने बताया कि हादसे में चार लोगों की मौत हुई है, जबकि तीन अन्य घायल हुए हैं।

मृतकों की पहचान

अधिकारी के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान जैनू भनवरे (19), रवि झरिया (24), कृष्ण कुमार भनवरे (18) और वीरेंद्र भनवरे (24) के रूप में हुई है। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है।

पुलिस कर रही मामले की जांच

पुलिस ने घटना के कारणों की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी में शॉर्ट सर्किट के कारण बिजली का तार टूटने और बाद में बिजली आपूर्ति बहाल होने पर करंट फैलने की बात सामने आई है। पुलिस घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

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