मनरेगा कर्मचारियों के वेतन पर सांसद का हस्तक्षेप

मनरेगा कर्मचारियों के वेतन संशोधन का मुद्दा उठा, गृह मंत्रालय ने मांगे थे स्पष्टीकरण
मनरेगा कर्मचारियों के वेतन पर सांसद का हस्तक्षेप
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के सांसद बिष्णु पद रे ने ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत कार्यरत मनरेगा (पुनः नामित वीबी-वी जी राम जी) कर्मचारियों के वेतन संशोधन से जुड़े लंबे समय से लंबित मुद्दे की ओर ध्यान आकर्षित किया है। सांसद ने बताया कि गृह मंत्रालय द्वारा वेतन संशोधन के लिए अंडमान एवं निकोबार प्रशासन द्वारा भेजे गए प्रस्ताव की समीक्षा करते समय 11 नवंबर 2025 के पत्र के माध्यम से कुछ स्पष्टीकरण और सूचनाएं मांगी गई थीं, किंतु आवश्यक जानकारी अभी तक उपलब्ध नहीं कराई गई है, जिसके कारण वेतन संशोधन को अंतिम रूप देने में विलंब हो रहा है। बिष्णु पद रे ने कहा कि यह मामला नवंबर 2025 से विभिन्न स्तरों पर प्रक्रियात्मक कार्यवाही और फाइलों की आवाजाही के कारण लंबित पड़ा हुआ है। इस विलंब से संबंधित कर्मचारियों के बीच कठिनाई और चिंता की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जबकि ये कर्मचारी प्रशासन की सेवा समर्पण और ईमानदारी से कर रहे हैं। सांसद ने कहा कि ऐसे मामलों का समयबद्ध समाधान न केवल कर्मचारियों के मनोबल को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि प्रशासनिक कार्यप्रणाली की दक्षता सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि अंडमान एवं निकोबार प्रशासन लंबित मुद्दों के समाधान के लिए शीघ्र कदम उठाएगा। बिष्णु पद रे ने अंडमान एवं निकोबार प्रशासन के मुख्य सचिव से हस्तक्षेप कर लंबित स्पष्टीकरण और प्रस्ताव को यथाशीघ्र गृह मंत्रालय को भेजने का अनुरोध किया है, ताकि कर्मचारियों के लंबे समय से प्रतीक्षित वेतन संशोधन को बिना और विलंब के अंतिम रूप दिया जा सके। कर्मचारियों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए सांसद ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशासन न्याय और निष्पक्षता के व्यापक हित में त्वरित तथा संवेदनशील कार्रवाई करेगा।

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