सबिता, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के एक सांसद ने देश के विभिन्न हिस्सों से 24,000 से अधिक बंगाली मजदूरों को वापस पश्चिम बंगाल भेजे जाने का बृहस्पतिवार को दावा करते हुए केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की। तृणमूल कांग्रेस के सांसद यूसुफ पठान ने लोकसभा में शून्य काल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि बांग्ला भाषी मजदूरों के पास वैध प्रमाण पत्र होने के बावजूद देशभर में उन्हें बांग्लादेशी कहकर बदनाम किया जा रहा है। पठान ने दावा किया, ‘‘उन्हें मनमाने ढंग से गिरफ्तार कर घरों और कार्यस्थलों से बाहर निकाला जा रहा है। बांग्ला भाषा को बदनाम करने की कोशिश अब सरकारी अधिकारियों द्वारा भी की जा रही है...जबकि बांग्ला संविधान द्वारा मान्यता प्राप्त भाषाओं में शामिल है और 2024 में केंद्र सरकार ने इसे शास्त्रीय भाषा का दर्जा भी दिया है।’’ उन्होंने दावा किया कि बंगाली प्रवासी मजदूरों के खिलाफ चलाये जा रहे इस ‘‘घृणित अभियान के कारण अब तक 24,000 से अधिक बंगाली मजदूरों को वापस बंगाल भेजा गया है।’’ तृणमूल कांग्रेस सांसद ने सरकार से अनुरोध किया कि वह बंगाली प्रवासी मजदूरों के साथ हो रहे ‘‘भेदभाव’’ को रोकने के लिए तत्काल हस्तक्षेप करे।