मानसून सत्र के 15वें दिन भी संसद के कामकाज पर भारी पड़ा एसआईआर

सरकार ने लोस में वापस लिया आयकर बिल, नया बिल लायेगी, दोनों सदन सोम तक स्थगित
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नयी दिल्ली : संसद के मानसून सत्र के 15वें दिन शुक्रवार को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में आयकर विधेयक, 2025 वापस लेने का प्रस्ताव रखा। यह विधेयक आयकर से जुड़े कानूनों को एक साथ लाने और उनमें बदलाव करने के लिए बनाया गया था लेकिन अब इसे वापस ले लिया गया है। इस बीच संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही विपक्ष के बिहार में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर हंगामे के चलते 11 अगस्त की सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी।

नया आयकर विधेयक सोम को पेश किया जायेगा

लोकसभा की कार्यवाही दो बार के स्थगन के बाद अपराह्न तीन बजे बैठक शुरू हुई तो वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रवर समिति की रिपोर्ट के अनुसार आयकर विधेयक, 2025 को वापस लेने की अनुमति मांगी और सभा की सहमति से सरकार ने विधेयक को वापस ले लिया। सरकार प्रवर समिति के सुझावों के अनुसार बदलावों को शामिल करके नया विधेयक लायेगी। नया आयकर विधेयक 11 अगस्त को लोकसभा में पेश किया जायेगा। सरकार ने गत 13 फरवरी को यह विधेयक पेश किया था और इसे अध्ययन के लिए लोकसभा की प्रवर समिति को भेज दिया गया। प्रवर समिति की रिपोर्ट गत 21 जुलाई को सदन में पेश की गयी। आयकर विधेयक, 2025 को आयकर अधिनियम, 1961 की जगह लेने के लिए लाया गया था। नये विधेयक में सरकार ने गैर-लाभकारी संगठनों (एनपीओ) को विशुद्ध रूप से धार्मिक ट्रस्टों द्वारा प्राप्त गुप्त चंदे पर कर लगाने से छूट दी है हालांकि किसी ऐसे धार्मिक ट्रस्ट द्वारा प्राप्त दान, जो अस्पताल और शिक्षण संस्थान संचालित करने जैसे अन्य धर्मार्थ कार्य भी करते हों, पर विधेयक के तहत कानून के अनुसार कर लगाया जायेगा।

लोस में गैर-सरकारी कामकाज नहीं हो पाया

निचले सदन में एसआईआर के मुद्दे पर शुक्रवार को भी हंगामा हुआ, जिसके कारण सदन की कार्यवाही दो बार के स्थगन के बाद अपराह्न तीन बजकर पांच मिनट पर दिनभर के लिए स्थगित कर दी गयी। शुक्रवार को सदन में गैर-सरकारी कामकाज होने का उल्लेख करते हुए संसदीय कार्यमंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि आज शुक्रवार है जो सदस्यों का दिन होता है और विशेष रूप से विपक्ष के सदस्यों के लिए महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इस दिन गैर-सरकारी कामकाज होता है। पीठासीन सभापति कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने भी हंगामा कर रहे विपक्षी सदस्यों से अपने स्थान पर बैठने और कार्यवाही चलने देने की अपील करते हुए कहा कि आज कई सदस्यों ने गैर सरकारी कामकाज चलाने को कहा था। शोर-शराबा जारी रहने पर उन्होंने बैठक को पांच मिनट बाद ही सोमवार पूर्वाह्न 11 बजे तक स्थगित कर दिया।

राज्यसभा में भी छाया रहा एसआईआर

एसआईआर सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहे विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दोपहर बारह बज कर तीन मिनट पर पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गयी। हंगामे की वजह से उच्च सदन में भी शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो पाया। कुछ सदस्यों ने व्यवस्था का प्रश्न उठाया। इस पर पीठासीन अध्यक्ष घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि प्रश्नकाल के दौरान व्यवस्था का प्रश्न कैसे उठाया जा सकता है। उन्होंने सदस्यों से अपने स्थानों पर लौट जाने और प्रश्नकाल चलने देने का अनुरोध किया। व्यवस्था बनते न देख उन्होंने कार्यवाही को सोमवार 11 अगस्त को पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। इससे पहले बैठक शुरू होने पर ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की 83 वर्षगांठ के अवसर पर देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी गयी।

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