महिला आरक्षण और परिसीमन पर मोदी का विपक्ष पर निशाना

बोले—देश को टुकड़ों में नहीं देखते, महिलाओं को आरक्षण राष्ट्रीय हित का मुद्दा
महिला आरक्षण और परिसीमन पर मोदी का विपक्ष पर निशाना
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों पर विपक्ष की आलोचना का जवाब देते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार भारत को एकजुट रूप में देखती है, न कि टुकड़ों में।

परिसीमन बिल पर उठ रही चिंताओं को खारिज करते हुए मोदी ने भरोसा दिलाया कि इससे किसी भी राज्य के साथ अन्याय नहीं होगा। यह बिल खासतौर पर दक्षिणी राज्यों के विरोध के केंद्र में है, जिन्हें आशंका है कि सीटों के पुनर्वितरण से उनका प्रतिनिधित्व कम हो सकता है।

महिला आरक्षण पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसे राजनीतिक नजरिए से नहीं, बल्कि राष्ट्रीय हित के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अतीत में इसका विरोध करने वालों को देश की महिलाओं ने चुनावों में सबक सिखाया है।

मोदी ने सभी दलों से अपील करते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण अवसर को नहीं गंवाना चाहिए और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए एकजुट होकर समर्थन करना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर महिला आरक्षण 25-30 साल पहले लागू हो गया होता, तो आज देश और अधिक परिपक्व लोकतंत्र बन चुका होता।

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