मोदी ने महिला आरक्षण संशोधन विधेयक का गला घोंट दिया : खरगे

नरेन्द्र मोदी परिसीमन को आगे बढ़ाकर देश में समय से पहले आम चुनाव कराना चाहते
मोदी ने महिला आरक्षण संशोधन विधेयक का गला घोंट दिया : खरगे
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सन्मार्ग संवाददाता

कूचबिहार/सिलीगुड़ी : कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ही 2029 से विधायिकाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक का “गला घोंट दिया”, जबकि विपक्ष ने केवल परिसीमन विधेयक का विरोध किया था। उन्होंने दावा किया कि नरेन्द्र मोदी परिसीमन को आगे बढ़ाकर देश में समय से पहले आम चुनाव कराना चाहते हैं। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री के व्यापक प्रचार कार्यक्रम पर तंज कसते हुए उन्होंने सवाल किया कि क्या मोदी राज्य के मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं। खरगे ने दावा किया कि मोदी काफी लंबे समय से पश्चिम बंगाल में लगातार चुनाव प्रचार कर रहे हैं और अपने आधिकारिक कार्यों की अनदेखी कर रहे हैं। खरगे ने कूचबिहार में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उपस्थित लोगों को याद दिलाया कि 2010 में संप्रग सरकार ने राज्यसभा में महिला आरक्षण विधेयक पारित किया था। उन्होंने कहा, ‘हम हमेशा महिलाओं के अधिकार और कल्याण सुनिश्चित करने के इच्छुक रहे हैं।’ खरगे ने यह भी कहा कि कांग्रेस के पास सरोजिनी नायडू, इंदिरा गांधी और सोनिया गांधी जैसी महिला नेता रही हैं, क्या भाजपा ने कभी किसी महिला को अपना अध्यक्ष बनाया है या उन्हें किसी ऊंचे पद पर पहुंचाया है। महिला आरक्षण विधेयक 2010 में राज्यसभा से पारित हो गया था, लेकिन कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने इसे लोकसभा में पेश नहीं किया और यह स्वत: निरस्त हो गया। रैली में खरगे ने कहा, ‘हम (संसद) 2023 में एक साथ आए और महिला आरक्षण विधेयक पारित हुआ, लेकिन मोदी 30 महीने तक सोते रहे और पश्चिम बंगाल एवं तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से ठीक पहले जागे।’

उन्होंने सवाल किया कि केंद्र में भाजपा-नेतृत्व वाली राजग सरकार को इसे पहले लागू करने से कौन रोक रहा था। सितंबर 2023 में संसद ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित किया, जिसे सामान्यतः महिला आरक्षण कानून कहा जाता है। अधिनियम में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीट आरक्षित करने का प्रावधान है। इसमें संशोधन के लिए पिछले सप्ताह लोकसभा में एक विधेयक पेश किया गया, जो खारिज हो गया।साल 2023 के कानून के तहत यह आरक्षण 2034 से पहले लागू नहीं होगा, क्योंकि इसे 2027 की जनगणना के बाद होने वाली परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ा गया है। खरगे ने कहा कि भाजपा महिला आरक्षण विधेयक के नाम पर परिसीमन विधेयक को पारित कराना चाहती है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “जो खारिज हुआ है, वह परिसीमन विधेयक था।”

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