मोदी-ईरान राष्ट्रपति वार्ता: तनाव के बीच शिपिंग सुरक्षा पर जोर

ईद-नौरोज़ की शुभकामनाओं के साथ क्षेत्रीय स्थिरता, व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर चर्चा
मोदी-ईरान राष्ट्रपति वार्ता: तनाव के बीच शिपिंग सुरक्षा पर जोर
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नई दिल्ली : नरेंद्र मोदी ने शनिवार को मसूद पेज़ेशकियन से फोन पर बातचीत कर ईद और नौरोज़ की शुभकामनाएं दीं और पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने बातचीत के दौरान क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की निंदा की और कहा कि ऐसे हमले क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डालते हैं तथा वैश्विक सप्लाई चेन को प्रभावित करते हैं। उन्होंने समुद्री मार्गों की सुरक्षा और वैश्विक व्यापार की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

यह 28 फरवरी से शुरू हुए क्षेत्रीय तनाव के बाद दोनों नेताओं के बीच दूसरी बातचीत है। इससे पहले भी प्रधानमंत्री ने नागरिकों की सुरक्षा, बढ़ते तनाव और ऊर्जा आपूर्ति पर चिंता जताई थी। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत खाड़ी क्षेत्र के देशों के साथ लगातार संपर्क में है। वहीं एस. जयशंकर ने भी अपने ईरानी समकक्ष सैयद अब्बास अराघची के साथ कई दौर की बातचीत की है।

पश्चिम एशिया में तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में आवाजाही प्रभावित हुई है, जहां 20 से अधिक भारतीय जहाज फंसे हुए हैं। हालांकि हाल ही में ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ नामक दो भारतीय एलपीजी टैंकर सुरक्षित रूप से इस मार्ग से गुजरने में सफल रहे।

जयशंकर ने स्पष्ट किया कि ईरान के साथ जहाजों की आवाजाही को लेकर कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है और हर जहाज की आवाजाही अलग-अलग आधार पर तय होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में भारत की कूटनीतिक सक्रियता न केवल अपने नागरिकों और व्यापारिक हितों की सुरक्षा के लिए, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए भी अहम भूमिका निभा रही है।

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