चंदननगर से लापता नाबालिग नालंदा से बरामद

सात महीने बाद मिली छात्रा, युवक फरार, पुलिस की तलाश जारी
एआई फोटो
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सन्मार्ग संवाददाता
हुगली: चंदननगर थाना क्षेत्र से लगभग सात महीने पहले लापता हुई नाबालिग छात्रा को बिहार के नालंदा जिले से सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। दसवीं कक्षा की छात्रा 12 सितंबर की सुबह स्कूल में कार्यक्रम होने का बहाना बनाकर घर से निकली थी और तब से लापता थी। छात्रा के माता-पिता लगभग सात महीने पहले ही निधन हो चुके थे, जिसके बाद वह चंदननगर के काटापुकुर इलाके में अपने मामा के घर रह रही थी। वह इमामबाड़ा के पास एक निजी अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पढ़ाई कर रही थी और इस वर्ष बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाली थी।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, छात्रा की सोशल मीडिया पर नालंदा के एक युवक से पहचान हुई थी। दोनों के बीच फोन पर बातचीत भी चल रही थी। युवक कई बार चंदननगर भी आया था। पुलिस को शक हुआ कि युवक ने छात्रा को बहला-फुसलाकर कहीं ले जाकर रखा है। इसके बाद पुलिस ने सोशल मीडिया की जांच की और युवक की लोकेशन का पता लगाया। इस पर विशेष जांच टीम बिहार रवाना की गई। नालंदा के एक घर से छात्रा को बरामद कर लिया गया, जबकि युवक अभी फरार है। उसकी तलाश जारी है।

छात्रा को आज यानी मंगलवार को चंदननगर अदालत में पेश किया जाएगा। छात्रा के मामा अमित पाल ने पुलिस की इस सफल कार्रवाई पर खुशी जताई और कहा कि पुलिस ने समय रहते प्रभावी कार्रवाई कर परिवार को राहत दी है।

पुलिस इस मामले में युवक की जल्द गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जा रहे हैं। परिवार और समाज की सुरक्षा के लिए पुलिस लगातार सतर्क है और ऐसे मामलों पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है।

यह घटना सोशल मीडिया के उपयोग और नाबालिगों की सुरक्षा के महत्व को भी उजागर करती है। पुलिस और परिवार के सहयोग से बच्ची सुरक्षित वापस आई, जो एक बड़ी राहत की बात है।

छात्रा को मंगलवार को चंदननगर अदालत में पेश किया जाएगा। छात्रा के मामा अमित पाल ने पुलिस की इस सफल कार्रवाई पर खुशी जताई और कहा कि पुलिस ने समय रहते प्रभावी कार्रवाई कर परिवार को राहत दी है।

पुलिस इस मामले में युवक की जल्द गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जा रहे हैं। परिवार और समाज की सुरक्षा के लिए पुलिस लगातार सतर्क है और ऐसे मामलों पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है।

यह घटना सोशल मीडिया के उपयोग और नाबालिगों की सुरक्षा के महत्व को भी उजागर करती है। पुलिस और परिवार के सहयोग से बच्ची सुरक्षित वापस आई, जो एक बड़ी राहत की बात है।

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