

जानवरों के भोजन का पूरा पैसा खर्च करने का सख्त फरमान
लापरवाह स्टाफ को दी चेतावनी
मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : नए फॉरेस्ट मिनिस्टर मनोज ओरांव और फॉरेस्ट स्टेट मिनिस्टर दिवाकर घरामी ने अलीपुर जू का औचक दौरा किया। वहां का प्रबंधन और जानवरों की बदहाल स्थिति देखकर वे दंग रह गए। एक पिंजरे से दूसरे पिंजरे तक गए मंत्रियों ने पाया कि बाघ का चेहरा बीमार और आंखें धंसी हुई थीं। इसके अलावा, सही और पौष्टिक खाना न मिलने से हाथियों का शरीर टूट गया था, और यही खराब हाल हिरणों व लोमड़ियों का भी था। राज्य के वन विभाग ने इस पूरे मामले पर अपनी गहरी चिंता और नाखुशी जताई है।
पुरानी सरकार पर लापरवाही का गंभीर आरोप
दौरे के बाद स्टेट मिनिस्टर दिवाकर ने पिछली सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए लापरवाही और निगरानी की कमी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में आने वाले इस जू की पिछले 15 सालों से पूरी अनदेखी की गई। पहले न तो पूर्व मुख्यमंत्री और न ही संबंधित वन मंत्रियों ने कभी यहां सुध ली। हालांकि, अब मौजूदा मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के मार्गदर्शन और विस्तृत सलाह से जू के जानवरों की सेहत और पुनर्वास के लिए खास और ठोस इंतजाम किए जाएंगे।
जानवरों की देखभाल पर खर्च हो पूरा पैसा
फॉरेस्ट मिनिस्टर मनोज ने ऑन-ड्यूटी स्टाफ को कड़ी चेतावनी देते हुए साफ किया कि अब समय बदल चुका है और किसी भी तरह की गड़बड़ी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने तुरंत खाने की क्वालिटी सुधारने और क्वांटिटी बढ़ाने का आदेश दिया। साथ ही कड़ा संदेश देते हुए कहा कि विभाग की पहली जिम्मेदारी सभी जानवरों को हेल्दी रखना है, और भोजन के लिए आवंटित पूरा पैसा केवल उन्हीं की देखभाल पर खर्च होना चाहिए, वरना सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।