AIIMS में सरकारी नौकरी का झांसा देकर लाखों की ठगी

नदिया साइबर पुलिस ने 3 जालसाजों को दबोचा
Millions of rupees swindled by promising government jobs at AIIMS.
सांकेतिक फोटो
Published on

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

कांचरापाड़ा /कल्याणी: सरकारी नौकरी की चाह रखने वाले युवाओं को अपना शिकार बनाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का नदिया जिला पुलिस ने पर्दाफाश किया है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में पुलिस ने शनिवार को तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।

कांचरापाड़ा से हुई गिरफ्तारी

नदिया साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर उत्तर 24 परगना जिले के कांचरापाड़ा अंतर्गत डांगापाड़ा इलाके में छापेमारी की। इस अभियान के दौरान पुलिस ने कृष्णा मेहता, आदित्य मेहता और स्वामी विश्वास नाम के तीन अभियुक्तों को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों के पास से ठगी में इस्तेमाल किए गए कुछ दस्तावेज और मोबाइल फोन भी बरामद होने की सूचना है।

क्या है पूरा मामला?

ठगी का यह मामला तब सामने आया जब नदिया जिले के हरिनघाटा निवासी एक व्यक्ति ने साइबर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने आरोप लगाया कि इन जालसाजों ने खुद को ऊँची पहुँच वाला बताकर उसे कल्याणी एम्स में नौकरी दिलवाने का भरोसा दिया था।

जालसाजों ने पीड़ित को झांसे में लेने के लिए फर्जी इंटरव्यू और दस्तावेजों का सहारा लिया। पीड़ित के अनुसार, अलग-अलग चरणों में "प्रोसेसिंग फीस", "सिक्योरिटी डिपॉजिट" और अन्य खर्चों के नाम पर उससे कुल 5 लाख रुपये ऐंठ लिए गए। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी नौकरी नहीं मिली और आरोपियों ने फोन उठाना बंद कर दिया, तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ।

पुलिस की कार्रवाई और चेतावनी

साइबर क्राइम थाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच के बाद इन तीनों को ट्रैक किया। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस गिरोह के तार और भी गहरे हो सकते हैं और इन्होंने कई अन्य बेरोजगार युवाओं को भी अपना शिकार बनाया होगा।

पुलिस ने शनिवार को तीनों को अदालत में पेश किया, जहाँ से उन्हें आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर लेने की प्रक्रिया शुरू की गई है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे सरकारी नौकरी के नाम पर किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को पैसे न दें और केवल आधिकारिक वेबसाइटों पर ही भरोसा करें।

Google पर संवाद सर्च बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in