

सिलीगुड़ी: कोलकाता से सिलीगुड़ी आ रही एक बस में मुर्गी के चारे की बोरियों के पीछे छिपाकर ले जाए जा रहे करीब 96 हजार कैप्सूल बरामद किए गए हैं। कृष्णनगर कस्टम्स की टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग-12 पर कार्रवाई करते हुए स्पास्मो प्रॉक्सीवॉन प्लस की इस खेप को जब्त किया। बरामद दवाओं की अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत करीब चार करोड़ रुपये बताई गई है। बस की सामान्य तलाशी के दौरान सामने आई इस बरामदगी ने यात्री वाहनों के जरिए दवाओं की अवैध ढुलाई पर सवाल खड़े किए हैं।
चारे की बोरियों के पीछे छिपाए गए थे पैकेट
जानकारी के अनुसार, कस्टम्स की टीम ने कृष्णनगर में शंकर होटल के पास बस को रोककर तलाशी ली। इस दौरान बस की निचली डिक्की में रखी मुर्गी के चारे की बोरियों के पीछे तीन संदिग्ध पैकेट मिले। अधिकारियों ने पैकेटों की जांच की तो उनमें स्पास्मो प्रॉक्सीवॉन प्लस कैप्सूल पाए गए। इसके बाद पूरी खेप को जब्त कर लिया गया। बरामदगी की मात्रा और अनुमानित कीमत को देखते हुए मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।
दवाओं के इस्तेमाल को लेकर चिंता
स्पास्मो प्रॉक्सीवॉन प्लस एक दवा है, जिसका दुरुपयोग नशीले प्रभाव के लिए किया जा सकता है। ऐसी दवाओं का अनधिकृत इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। इस कारण इनके अवैध कारोबार और परिवहन पर निगरानी महत्वपूर्ण है। हालांकि, केवल बरामदगी के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि खेप में शामिल सभी लोग इसके अंतिम उपयोग या वितरण में किस भूमिका में थे।
खेप कहां पहुंचाई जानी थी, जांच का विषय
इस कार्रवाई के बाद दवाओं के स्रोत, उन्हें बस में लोड करने वाले लोगों और खेप को प्राप्त करने वालों की पहचान महत्वपूर्ण होगी। जांच में यह भी स्पष्ट करना होगा कि कैप्सूल किस स्थान से लाए गए थे और उन्हें सिलीगुड़ी या रास्ते के किसी अन्य गंतव्य तक पहुंचाया जाना था या नहीं। बस में इतनी बड़ी मात्रा में दवाएं छिपाकर ले जाने का तरीका भी जांच के दायरे में आ सकता है।
फिलहाल, इस बरामदगी का सबसे अहम पहलू दवाओं की बड़ी खेप और उसे छिपाने के लिए अपनाया गया तरीका है। मामले में आगे की कार्रवाई और जांच के निष्कर्षों से ही अवैध आपूर्ति के पूरे नेटवर्क की जानकारी सामने आ सकेगी।