हावड़ा जिला परिषद में अविश्वास प्रस्ताव, 25 सदस्यों ने किए हस्ताक्षर !

Massive Rebellion in Howrah Zilla Parishad: 25 TMC Members Demand Board Dissolution
हावड़ा जिला परिषद के सदस्य तुषार कांति घोष अपनी बात रखते हुए
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

हावड़ा : हावड़ा जिला परिषद के भीतर चल रही आपसी खींचतान बुधवार को चरम पर पहुंच गई। पार्टी के भीतर से ही उठा विरोध अब खुले विद्रोह में बदल गया है। जिला परिषद की सभाधिपति काबेरी दास और सह-सभाधिपति अजय भट्टाचार्य के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस के ही 25 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया है। सदस्यों ने बोर्ड को तुरंत भंग करने की मांग की है। बुधवार को जिला परिषद के सदस्य तुषार कांति घोष ने बगावत की कमान संभालते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान नेतृत्व लंबे समय से तानाशाही रवैया अपनाए हुए था। उन्होंने कहा कि जिला परिषद के प्रशासनिक और वित्तीय फैसलों को 'रिमोट कंट्रोल' से संचालित किया जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि कुछ खास राजनीतिक गुटों को लाभ पहुंचाने के लिए ही इन पदों पर नियुक्तियां की गई थीं ताकि करोड़ों रुपये के निर्माण कार्यों के अनुबंध और अन्य वित्तीय अधिकार कुछ ही हाथों में सिमट कर रह जाएं।

नेतृत्व पर भ्रष्टाचार और मनमानी के आरोप

विद्रोही सदस्यों का आरोप है कि जिला परिषद के सामान्य सदस्यों को न तो कोई सम्मान दिया जाता था और न ही निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल किया जाता था। स्थिति यह है कि सदस्यों के बैठने तक के लिए कार्यालय में उचित व्यवस्था नहीं है। तुषार कांति घोष ने स्पष्ट किया कि यह विद्रोह अचानक नहीं हुआ है। उन्होंने पहले भी कई बार लिखित रूप में और पार्टी के मंचों पर इन अनियमितताओं की शिकायत की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब राजनीतिक परिदृश्य बदलते ही उन्होंने न्याय के लिए सड़कों पर उतरने का निर्णय लिया है। बता दें कि जिला परिषद के कुल 42 सदस्यों में से 25 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर इसे डिविजनल कमिश्नर को सौंप दिया है। गुरुवार को विद्रोही सदस्यों की एक और अहम बैठक बुलाई गई है, जिसमें भविष्य की रणनीति और नए नेतृत्व के चयन पर चर्चा की जाएगी।

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