डीम्ड यूनिवर्सिटी संबद्धता के खिलाफ विशाल कैंडल रैली आयोजित

डीम्ड यूनिवर्सिटी संबद्धता के खिलाफ विशाल कैंडल रैली आयोजित
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : डीम्ड यूनिवर्सिटी संबद्धता के विरोध में अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के छात्र समुदाय ने जॉइंट एक्शन फोरम के बैनर तले बुधवार शाम एक विशाल कैंडल मार्च निकाला। इस रैली में द्वीपों में डीम्ड यूनिवर्सिटी संबद्धता लागू करने के निर्णय का जोरदार विरोध किया गया। जवाहरलाल नेहरू राजकीय महाविद्यालय, अंडमान कॉलेज , अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह आयुर्विज्ञान संस्थान तथा डॉ. बी.आर. अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के छात्रों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। रैली फ्लैग प्वाइंट से शुरू होकर एबरडीन बाजार स्थित तिरंगा पार्क में समाप्त हुई, जहां एक जनसभा आयोजित की गई। आयोजकों के अनुसार लगभग 1,000 छात्र-छात्राएं, अभिभावक, राजनीतिक प्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के सदस्य तथा विभिन्न व्यापारिक संघों के प्रतिनिधि इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। कई संगठनों ने आंदोलन को समर्थन दिया, जिनमें अंडमान एवं निकोबार प्रादेश कांग्रेस समिति, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), अंडमान निकोबार टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन, पर्यटक वाहन मालिक संघ तथा अंडमान मोपला सर्विस ऑर्गनाइजेशन प्रमुख रूप से शामिल हैं। टीएसजी भास्कर ने कहा कि अंडमान और निकोबार प्रशासन के मुख्य सचिव के साथ हाल ही में हुई बैठक के बावजूद कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया। उन्होंने बताया कि राकेश पाल गोविंद के समर्थन से डीम्ड यूनिवर्सिटी संबद्धता के खिलाफ एक याचिका दायर की गई है और छात्र समुदाय के साथ मजबूती से खड़े रहने का आश्वासन दिया गया है। एबीवीपी छात्र संघ के सिद्धार्थ राय शर्मा ने आरोप लगाया कि डीम्ड यूनिवर्सिटी प्रणाली छात्रों और अभिभावकों से बिना किसी परामर्श के लागू की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक संबद्धता वापस नहीं ली जाती, छात्र कक्षाओं का बहिष्कार करेंगे। साथ ही उन्होंने द्वीपों के लिए एक प्रादेशिक परिषद के गठन की मांग की, ताकि ऐसे मुद्दों का प्रभावी समाधान हो सके।

रांची एसोसिएशन के महासचिव प्रकाश मिन्जी ने कहा कि जिन छात्रों को इस समय परीक्षाओं की तैयारी करनी चाहिए, वे प्रशासनिक निर्णयों के कारण सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। एम.ए. साजिद ने बताया कि छात्र 3 फरवरी से विरोध कर रहे हैं, लेकिन इस मुद्दे को राष्ट्रीय मीडिया में अपेक्षित स्थान नहीं मिला है। उन्होंने छात्रों से सोशल मीडिया के माध्यम से जनजागरूकता बढ़ाने और डीम्ड यूनिवर्सिटी निर्णय को तत्काल वापस लेने के लिए दबाव बनाने की अपील की।

कोलंदई, जो डीएमके की राज्य इकाई का प्रतिनिधित्व कर रहे थे, ने आश्वासन दिया कि इस मुद्दे को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के समक्ष उठाया जाएगा तथा सांसदों के माध्यम से संसद में भी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि कनिमोझी करुणानिधि और तिरुचि शिवा सहित अन्य सांसद इस विषय को प्रमुखता से उठाएंगे।

सीपीआई-एम के डी. अय्यप्पन ने बताया कि उनकी पार्टी ने पहले मुख्य सचिव से मुलाकात की थी, लेकिन उन्हें सूचित किया गया कि यह मामला भारत सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। लोकल बॉर्न एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पाल गोविंद ने भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा देने की घोषणा करते हुए आरोप लगाया कि द्वीपों के मुद्दों पर पार्टी के प्रतिनिधियों की ओर से पर्याप्त रुचि नहीं दिखाई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि संसद सत्र शुरू होने के बाद छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली जाकर सीधे यह मुद्दा उठाएगा।

कैंडल मार्च और जनसभा के दौरान अंडमान और निकोबार पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त बल तैनात किया था। पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। जॉइंट एक्शन फोरम ने स्पष्ट किया कि जब तक डीम्ड यूनिवर्सिटी संबद्धता पर पुनर्विचार नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

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