

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : सरस्वती पूजा से पहले शहर के बाजारों में किताबें, कलम, नोटबुक, दीपक, फूल, मूर्तियां और रंगोली सामग्री की खास सजावट देखने को मिलती है। दुकानदार अपने स्टॉल्स को रंग-बिरंगे कपड़ों और फूलों से सजाकर खरीदारों का ध्यान आकर्षित करते हैं।
छात्रों और शिक्षकों की खरीदारी
छात्र और शिक्षक इस अवसर पर नई किताबें, कलम और स्टेशनरी खरीदते हैं। नई किताबों का महत्व पूजा में विशेष माना जाता है, इसलिए स्टॉल्स पर इस समय छात्रों की भीड़ सबसे अधिक रहती है।
फूल और मिठाई का विशेष आकर्षण
गुलाब, कमल और गेंदा जैसे फूलों की मांग सबसे अधिक होती है। इसके अलावा मोहनथाल, पेड़े, लड्डू और हलवा जैसे पारंपरिक मिठाइयों की भीड़ लगी रहती है। लोग देवी मूर्ति और पूजा थाल के साथ सजावट के लिए रंग-बिरंगे कपड़े और दीपक भी खरीदते हैं।
भीड़ और उत्साह का माहौल
बाजारों में हर उम्र के लोग दिखाई देते हैं – बच्चे, छात्र, अभिभावक और बुजुर्ग। सभी अपनी जरूरत के अनुसार सामग्री खरीदते हैं। दुकानदार विशेष छूट और पैकेजिंग की पेशकश भी करते हैं, जिससे खरीदारों का अनुभव और सुखद हो जाता है।
सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व
सरस्वती पूजा से पहले की यह तैयारियाँ केवल धार्मिक नहीं हैं, बल्कि शहर के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन में भी उत्साह का संचार करती हैं। लोग पूजा सामग्री खरीदते हुए ज्ञान और विद्या की प्राप्ति की कामना करते हैं।