

नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने NEET पेपर लीक विवाद और छात्रों के जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कई छात्रों ने पेपर लीक की घटना को चुनौती के रूप में लिया, अधिक मेहनत की और अपने प्रदर्शन में सुधार किया। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
समाचार एजेंसी को दिए इंटरव्यू में सीतारमण ने कहा कि पेपर लीक की घटना से छात्रों को नुकसान जरूर हुआ, लेकिन कुछ छात्रों ने इसका फायदा इस तरह उठाया कि उन्होंने और अधिक तैयारी की और बेहतर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा, "कुछ युवा खुद कह रहे हैं कि पहले उन्हें पेपर लीक से दुख हुआ, लेकिन बाद में उन्होंने इसे चुनौती माना, और ज्यादा मेहनत करके अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाया।"
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया, दोबारा परीक्षा कराई और समय पर परिणाम घोषित किए, जिससे छात्रों का शैक्षणिक सत्र प्रभावित नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि यदि सरकार समय पर कदम नहीं उठाती, तो लाखों छात्रों का भविष्य अधर में लटक सकता था।
उन्होंने कहा कि अब छात्र अपनी उच्च शिक्षा के लिए संस्थानों में प्रवेश ले रहे हैं और पूरी प्रक्रिया सामान्य रूप से आगे बढ़ रही है।
सीतारमण ने विपक्ष के हमलों को खारिज करते हुए कहा कि यदि सरकार संवेदनशीलता नहीं दिखाती तो विपक्ष के आरोप समझ में आते, लेकिन केंद्र ने शुरुआत से ही सक्रियता दिखाई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने खुद फास्ट-ट्रैक अदालतों की घोषणा की है ताकि पेपर लीक मामलों में जल्द सुनवाई हो और दोषियों को कड़ी सजा मिल सके।
उन्होंने कहा कि सरकार ने पेपर खरीदने, बेचने और लीक करने वालों को गिरफ्तार किया है और परीक्षा प्रणाली की पवित्रता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में व्यापक सुधार की तैयारी कर रही है। एजेंसी के 47 अधिकारियों को हटाया जा चुका है और पूरे ढांचे में बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
इसके बावजूद जंतर-मंतर पर छात्रों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन जारी है। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। सरकार ने आंदोलनकारियों से कई दौर की बातचीत की है, लेकिन सूत्रों के अनुसार सरकार फिलहाल धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देने के पक्ष में नहीं है।