

इस्लामाबादः पाकिस्तान के स्पिनर उस्मान तारिक का गेंद फेंकने के दौरान क्षणिक विराम और क्रीज पर मूर्ति जैसी मुद्रा ने टी20 विश्व कप के दौरान कई लोगों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया है। ऐसा लगता है कि वह बल्लेबाजों को भ्रम में डालने के लिए ऐसा करते हैं जिसको लेकर सवाल भी उठाए जा रहे हैं।
इसके साथ ही विवाद भी खड़ा हो गया है। तारिक की रुक-रुक कर गेंद फेंकने की शैली को अवैध गेंद कहना या क्रिकेट की भाषा में कहें तो चकिंग कहना। उनके गेंदबाजी एक्शन की दो बार रिपोर्ट भी की गई लेकिन दोनों अवसरों पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने उनके एक्शन को सही करार दिया। इस 28 वर्षीय ऑफ स्पिनर के अपरंपरागत गेंदबाजी एक्शन ने पहले ही खेल के सबसे छोटे प्रारूप में कुछ खिलाड़ियों का ध्यान अपनी तरफ खींचा है। उन्होंने इस सप्ताह श्रीलंका में अपने पहले टी20 विश्व कप मैच में अमेरिका के खिलाफ तीन विकेट लिए थे।
क्रिकेट के नियमों के अनुसार तारिक के एक्शन को अवैध ठहराना आसान भी नहीं है। किसी गेंदबाज के एक्शन को अवैध करार देने के लिए सबसे पहला कारण 15 डिग्री का नियम है।
इस नियम के अनुसार गेंदबाज अपनी कोहनी को 15 डिग्री की सीमा से अधिक नहीं मोड़ सकता है जिसका मैदान पर मौजूद अंपायरों के लिए वास्तविक समय में सटीक आकलन करना लगभग असंभव है। ऑस्ट्रेलिया के कैमरन ग्रीन और दक्षिण अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस जैसे बल्लेबाज कुछ ऐसे उल्लेखनीय खिलाड़ी हैं जो तारिक के गेंदबाजी एक्शन से हैरान रह गए थे।
ऑस्ट्रलियाई खिलाड़ी भी हुए थे हैरान
नवंबर में टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तारिक की दूसरी ही गेंद पर पावर हिटर ब्रेविस आउट हो गए। लाहौर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पाकिस्तान की 3-0 से जीत के दौरान ग्रीन ने उनकी बाहर जाती एक गेंद को कवर में खड़े क्षेत्ररक्षक के पास पहुंचा दिया और उन्हें पवेलियन लौटना पड़ा। इस पर ग्रीन ने अविश्वास से अपना सिर हिलाया और बाउंड्री लाइन के पास तारिक के गेंदबाजी एक्शन का मजाक उड़ाया, हालांकि बाद में उन्होंने माफी मांग ली थी।
तारिक का टी20 क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन देखने को मिला है। नवंबर में त्रिकोणीय श्रृंखला के दौरान रावलपिंडी में जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने 18 रन देकर चार विकेट लिए थे जिसमें हैट्रिक भी शामिल है। उन्होंने अब तक केवल चार टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 88 गेंदों पर 11 विकेट लिए हैं।
पाकिस्तान के अंदर ही तारिक को लेकर दो बार शिकायत
जब चयनकर्ताओं ने तारिक को टी20 विश्व कप के लिए 15 सदस्यीय टीम में शामिल किया तो किसी को हैरानी नहीं हुई क्योंकि वे जानते थे कि श्रीलंका की पिचें तेज गेंदबाजों की तुलना में धीमी गति के गेंदबाजों के लिए अधिक उपयुक्त होंगी। तारिक का शीर्ष स्तर के क्रिकेट तक का सफर आसान नहीं था। पिछले दो सत्र में देश के प्रमुख घरेलू टी20 टूर्नामेंट पाकिस्तान सुपर लीग के दौरान संदिग्ध गेंदबाजी एक्शन के लिए उनके खिलाफ दो बार शिकायत दर्ज की गई, लेकिन दोनों ही मौकों पर लाहौर स्थित राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में परीक्षण के बाद उन्हें दोषमुक्त कर दिया गया।
तारिक ने कहा, ‘‘मेरी बांह में दो कोहनी हैं। मेरी बांह स्वाभाविक रूप से मुड़ती है। मैंने इसकी जांच करवाई है और रिपोर्ट में यह स्पष्ट है। हर कोई महसूस करता है कि मैं अपनी बांह मोड़ता हूं। मेरी मुड़ी हुई बांह एक जैविक समस्या है।’’