नाबालिग के यौन उत्पीड़न के दोषी को सजा

अभियुक्त शेख महबूब उर्फ गाथी को दोषी करार दिया गया था
नाबालिग के यौन उत्पीड़न के दोषी को सजा
Published on

सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : पोर्ट ब्लेयर में माननीय विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) नियाज आलम ने एक अहम फैसले में 19 नवंबर 2025 को, एक नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न के मामले में एक आरोपॢत को दोषी करार दिया। दोषी की पहचान श्री विजयपुरम निवासी शेख महबूब उर्फ गाथी के रूप में हुई है। यह मामला तब का है जब पीड़िता की आयु 10 वर्ष थी। आरोप था कि पीड़िता का पड़ोसी होने के नाते आरोपित ने उस समय नाबालिग बच्ची का यौन उत्पीड़न किया जब वह सो रही थी। पीड़िता द्वारा घटना की जानकारी अपने माता-पिता को दी जाने के बाद, संबंधित पुलिस स्टेशन एबरडीन को सूचित किया गया। पी.एस. एबरडीन ने दिनांक 30.05.2023 को प्राथमिकी संख्या 94/2023 के तहत आरोपित के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। उप-निरीक्षक एन. नंदिनी ने तत्कालीन एसएचओ गिरीश कुमार की देखरेख में जाँच की जिम्मेदारी संभाली थी। अभियोजन पक्ष ने सुनवाई के दौरान 8 गवाहों के बयान दर्ज कराये। न्यायालय ने ट्रायल पूरा होने के बाद आरोपित को दोषी पाया। न्यायालय ने उसे पॉक्सो अधिनियम की धारा 7/8 के तहत 05 वर्ष का कठोर कारावास और 10,000 रुपये का जुर्माना भरने की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने पर 02 महीने का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा, पॉक्सो अधिनियम की धारा 9(m)/10 के तहत 05 वर्ष का कठोर कारावास और 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया, जिसके डिफॉल्ट में 01 महीने का अतिरिक्त कारावास होगा। पॉक्सो अधिनियम की धारा 11(i)(iv)/12 के तहत भी उसे 5 वर्ष का कठोर कारावास और 5,000 रुपये का जुर्माना भरना होगा, जिसके डिफॉल्ट में 1 महीने का अतिरिक्त कारावास होगा। न्यायालय ने आईपीसी की धारा 451 के तहत 5 वर्ष का कठोर कारावास और 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया, जुर्माना न भरने पर 1 महीने का अतिरिक्त कारावास होगा। सजा के अलावा न्यायालय ने पीड़िता के पुनर्वास की आवश्यकता को स्वीकार करते हुए उसके कल्याण, देखभाल और भविष्य के समर्थन के लिए दो लाख रुपये का मुआवजा प्रदान करने का निर्देश दिया। न्यायाधीश ने जोर देकर कहा कि बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों को अदालतें अत्यंत गंभीरता से ले रही हैं और यह कड़ी सजा पीड़िता के लिए न्याय और समाज के लिए एक निवारक के रूप में कार्य करेगी। राज्य की ओर से इस मामले की पैरवी विशेष लोक अभियोजक ए.एस. ज़िनु ने की।

संबंधित समाचार

No stories found.

कोलकाता सिटी

No stories found.

खेल

No stories found.
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in