

कूचबिहार : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर राज्य विभाजन के संकेत देते हुए बड़ा दावा किया है। शुक्रवार को कूचबिहार की चुनावी जनसभा से उन्होंने केंद्र के परिसीमन (डिलिमिटेशन) बिल का कड़ा विरोध किया।
ममता बनर्जी ने कहा, “आज जब मैं यहां सभा कर रही हूं, तब डिलिमिटेशन बिल लाया गया है। इसके लिए मुझे चुनाव छोड़कर 21 सांसदों को लोकसभा भेजना पड़ा। ये लोग जानते हैं कि वे हारेंगे, इसलिए 541 सीटों को बढ़ाकर करीब 850 करने के लिए देश को टुकड़ों में बांट रहे हैं। एक दिन देखेंगे कि कूचबिहार, उत्तर दिनाजपुर, दार्जिलिंग और सिलीगुड़ी जैसे इलाके गायब हो गए हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “इन लोगों को न शर्म है, न डर। मैं मानती हूं कि भगवान या अल्लाह सब देख रहे हैं। आने वाले समय में ये सत्ता में नहीं रहेंगे। बंगाल विभाजन के खिलाफ रवीन्द्रनाथ टैगोर ने लड़ाई लड़ी थी और आज भी अगर अधिकार छीने गए तो हमारी लड़ाई जारी रहेगी।”
हालांकि, केंद्र सरकार ने शुक्रवार को संसद में तीन संशोधन बिल पेश किए हैं, जिनमें सबसे अहम संविधान का 131वां संशोधन है। इसके अलावा डिलिमिटेशन आयोग और केंद्रशासित प्रदेशों से जुड़े संशोधन भी शामिल हैं।
केंद्रीय कानून मंत्री ने कहा कि इन कदमों से संसद में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और लैंगिक समानता को बढ़ावा मिलेगा। सरकार ने साफ किया है कि इस बिल में राज्य विभाजन का कोई उल्लेख नहीं है। इससे पहले भी ऐसी अफवाहों को खारिज किया जा चुका है।