

कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बार 21 जुलाई का दिन केवल शहीद दिवस नहीं, बल्कि राजनीतिक ताकत की परीक्षा का केन्द्रबिन्दु बन गया है। लगभग तीन दशक बाद पहली बार तृणमूल कांग्रेस के दो गुट और कांग्रेस अलग-अलग मंचों से इस दिन को मनाने जा रहे हैं, जिससे पूरे राज्य की नजर आज के शक्ति प्रदर्शन पर टिकी है।
अलग-अलग मंचों का आयोजन
ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाला तृणमूल गुट मेयो रोड स्थित गांधी प्रतिमा के पास सभा करेगा वहीं दूसरी ओर ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली कालीघाट तृणमूल कैथेड्रल रोड पर बिरला तारामंडल और एकेडमी ऑफ फाइन आर्ट्स के बीच अपना कार्यक्रम आयोजित करेगी। कांग्रेस भी पीछे नहीं है। पार्टी शहीद मीनार मैदान में अलग कार्यक्रम आयोजित करेगी। वहीं, दिल्ली के राजघाट पर विद्रोही तृणमूल सांसदों के समूह एनसीपीआई के सदस्य शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे।
किसके साथ है राजनीतिक विरासत
वर्षों तक यह आयोजन ममता बनर्जी की पहचान माना जाता था, लेकिन तृणमूल में विभाजन के बाद अब दोनों गुट इस विरासत पर अपना दावा ठोक रहे हैं। शहीद परिवारों से संपर्क साधने की भी सभी पक्षों में होड़ मची हुई है। इस बीच, कोलकाता में भारी भीड़ जुटने की संभावना के मद्देनजर प्रशासन सतर्क है। मौसम विभाग ने भी मंगलवार को भारी बारिश की संभावना जताई है। इधर, विधानसभा में 1993 गोलीकांड पर न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) सुषांत चटर्जी आयोग की रिपोर्ट पेश होने के बाद विवाद और गहरा गया है।
21 जुलाई के लिए कोलकाता पुलिस तैयार
शहीद दिवस के मद्देनजर कोलकाता पुलिस ने व्यापक सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था की है। शहीद मीनार, गांधी प्रतिमा और बिरला तारामंडल के पास होने वाली तीन सभाओं के लिए करीब 1,000 अतिरिक्त पुलिसकर्मी, ड्रोन, आरएएफ, केंद्रीय बल, पीसीआर और फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात रहेंगे। दोपहर 12 बजे से शुरू होने वाले कार्यक्रमों के कारण मेयो रोड, रेड रोड और आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित होने की संभावना है।
कार्यक्रमों में डाली जा रही हैं बाधाएं : ममता
शहीद दिवस रैली से पहले ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि उनके गुट की सभाओं और जुलूसों में लगातार बाधाएं डाली जा रही हैं। सोमवार को बिरला तारामंडल के पास रैली स्थल का निरीक्षण करने पहुंचीं ममता ने कहा कि दूर-दराज के जिलों से आने वाले कार्यकर्ताओं को ठहरने की जगह तक नहीं दी जा रही, फिर भी वे पार्टी के प्रति स्नेह और समर्थन के कारण कोलकाता पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी बाधा उनके कार्यकर्ताओं को नहीं रोक सकती।