

कोलकाताः पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने झाड़ग्राम जिले के नेताई गांव में 15 साल पहले गोली लगने से जान गंवाने वाले नौ लोगों को बुधवार को श्रद्धांजलि दी।
सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में बनर्जी ने गोलीबारी की घटना में जान गंवाने वाले लोगों को ‘‘श्रद्धांजलि दी और उन्हें नमन’’ किया। तत्कालीन सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) से कथित तौर पर संरक्षण प्राप्त हथियारबंद लोगों ने ग्रामीणों पर गोलीबारी की थी।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘2011 में आज के ही दिन झाड़ग्राम जिले के नेताई गांव में हरमद वाहिनी के हाथों नौ निर्दोष लोगों ने अपनी जान गंवाई। मैं नेताई के सभी शहीदों को हार्दिक श्रद्धांजलि देती हूं।’’ यह गांव बिनपुर ब्लॉक में पूर्व में माओवादियों का गढ़ रहे लालगढ़ की सीमा से सटा है और झाड़ग्राम लोकसभा सीट के अंतर्गत आता है।
सात जनवरी, 2011 की घटना
सात जनवरी, 2011 को तत्कालीन सत्तारूढ़ माकपा द्वारा कथित तौर पर संरक्षण प्राप्त हथियारबंद लोगों ने ग्रामीणों पर गोलीबारी की, जिसमें चार महिलाओं और पांच पुरुषों की मौत हो गई और 28 अन्य घायल हो गए, जिसके बाद यह घटना राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई। यह हत्या उस समय हुई जब स्थानीय लोग उन हथियारबंद लोगों की मांगों और कथित उत्पीड़न का विरोध कर रहे थे, जो इलाके में माओवादियों से लड़ने के बहाने एक स्थानीय माकपा नेता के घर में शरण लिए हुए थे। इस घटना ने पश्चिम बंगाल में व्यापक आक्रोश पैदा किया और 2011 के विधानसभा चुनाव से पहले यह एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया।
मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया गया, जिसने गोलीबारी की परिस्थितियों और क्षेत्र में सशस्त्र समूहों की कथित भूमिका की जांच की। हर साल, राजनीतिक नेता और स्थानीय निवासी इस दिन घटना में मारे गए लोगों को याद करते हैं और उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं।